
Breaking : ठग ने नए तरीके से फेंका जाल और इस बार एमबीबीएस डॉक्टर को फंसाया, इतने हजार की ठगी, पढि़ए खबर...
कोरबा. अनजान व्यक्ति से मोबाइल फोन पर क्रेडिट कार्ड की जानकारी साझा करना एमबीबीएस डॉक्टर को महंगा पड़ गया। उसके क्रेडिट कार्ड से ४५ हजार रुपए पार हो गया। तब डॉक्टर को ठगी का पता चला। इस बार ठगी का शिकार विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ डॉ. दुष्यंत कश्यप हुए हैं। पुलिस ने बताया कि सात जुलाई को सुबह १०.३५ बजे दुष्यंत के मोबाइल पर एक कॉल आया।
कॉलर ने खुद को भारतीय स्टेट बैंक का अधिकारी बताकर के्रेडिट कार्ड की जानकारी मांगी। डॉक्टर को कॉलर की बातों पर भरोसा हो गया। उसने क्रेडिट कार्ड की पूरी जानकारी कॉलर से मोबाइल पर झांसा कर दिया। इसके चार दिन बाद क्रेडिट कार्ड के अफिसियल एप पर एक मैसेज आया। इसमें कार्ड से ४५ हजार रुपए के ट्रंजक्शन की जानकारी दी गई थी। इसमें पेटीएम को ढाई हजार, बीमा कंपनी को १० हजार इतने ही पैसे के नगद निकासी की जानकारी दी गई थी। यह जानकर डॉक्टर के होश उड़ गए। उसे ठगी का पता चला। उसने घटना की शिकायत पसान थाने में की थी। पुलिस ने जांच के बाद ठगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। साइबर सेल से मिलकर ठगी की जांच कर रही है।
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क्रेडिट कार्ड से बढ़ी धोखाधड़ी
हाल में क्रेडिट कार्ड के जरिए होने वाली धोखाधड़ी की संख्या बढ़ी है। ठग बैंक अफसर या क्रेडिट कार्ड की प्रोसेसिंग कराने के नाम पर ग्राहक से कार्ड की जानकारी पूछते हैं। मौका मिलते ही कार्ड से रुपए निकाल लेते हैं। ठग कॉल कर सामने वाले से बिल्कुल एक अधिकारी की तरह बात कर उसे अपने वस में कर लेता है और विश्वास जीत लेता है। सामने वाला भी उनकी बातों में आकर कार्ड नंबर दे जाता और बाद में ठगी का एहसास होता है।
Published on:
15 Jul 2018 01:27 pm
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