
रिटायर्ड फोरमैन व उसके परिजनों से शंकर रजक ने ठगे 68 लाख
कोरबा. शातिर ठग शंकरलाल रजक के ठगी का दायरा बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला एसईसीएल से सेवा निवृत्त हुए फोरमैन, उसकी पत्नी और भाई से जुड़ा है। रजक ने पुत्रों के साथ मिलकर तीनों से 68 लाख 50 हजार रुपए की ठगे हैं। यह मामला भी सरायपाली बुड़बुड़ में एसईसीएल की खदान और हुकरा में वंदना पॉवर की आवासीय कॉलोनी के झांसा से जुड़ा है।
पुलिस ने बताया कि ठगी के आरोप में शंकरलाल रजक, उसके पुत्र रवि और अजय रजक के अलावा सहयोगी सिद्धार्थ महंत व रतन रजक के खिलाफ बांकीमोंगरा थाना में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। चोरों पर आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत केस दर्ज किया गया है। पांचों आरोपियों की तलाश जारी है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि तेलेस्फोर किंडो एसईसीएल की सुराकछार खदान में इलेक्ट्रीकल फोरमेन के पद से सन् 2013 में सेवानिवृत्त हुए। परिवार के साथ बांकीमोंगरा के घुडदेवा विभागीय आवास 24/8 में रहते थे। उनका पुत्र प्रदीप आईटीआई करने के बाद बेरोजगार था। किंडो को घुड़देवा निवासी अगस्तुस केरकेट्टा की पत्नी जो घुड़देवा की सरकारी अस्पताल मे नर्स थी, ने बताया कि शंकर लाल रजक ग्राम हुकरा में जमीन बिक्री कर रहा है। जमीन के बदले वंदना पावर प्लांट भूमि अधिग्रहीत कर नौकरी भू स्वामियो को दे रही है। किंडो ने शंकरलाल से सम्पर्क किया।
वर्ष 2013 में किंडो के घर शंकरलाल अपने दोनों पुत्र, दर्री निवासी सिद्धर्थ के साथ पहुंचा। बातचीत आगे बढ़ी तो किंडो ने हुकरा में 10 एकड़ जमीन के लिए शंकर से सौंदा कर लिया। प्रति एकड़ चार लाख रुपए की दर से शंकर को 40 लाख रुपए दिया। रजिस्ट्री खर्च प्रति एकड़ 70 हजार रुपए की दर से सात लाख रुपए दिया। किंंडो ने कुल 47 लाख रुपए शंकरलाल को दिया। यही नहीं किंडो ने अपनी पत्नी बेनेडिक्का किंडो के नाम से भी हुकरा में जमीन खरीदने का सौदा किया। इसके लिए 12 लाख रुपए शंकरलाल को दिया।
किंडो अपने भाई सिलवासुन किंडो जो वर्तमान में पुलिस विभाग में हवलदार के पद पर कार्यरत है, के नाम पर 4 लाख रुपए एकड की दर से दो एकड़ जमीन आठ लाख रुपए और रजिस्ट्री खर्च सहित कुल नौ लाख 50 हजार रुपए शंकर और उसके परिवार को दिया। सौदे की शर्त के अनुसार तीनों के नाम जमीन हुकरा, सरायपाली बुड़बुड़ में खरीदी जानी थी।
रजिस्ट्री के लिए बुलाए बिना थमा दिया ऋण पुस्तिका
किंडो परिवार ने जमीन रजिस्ट्री के लिए शंकरलाल को अलग अलग किस्तों में 68 लाख 50 हजार रुपए दिया। शंकर ने जमीन की रजिस्ट्री कराए बिना ऋण पुस्तिका, बी- 1 सहित अन्य दस्तावेज की एक फोटो कॉपी किंडो को थमा दिया। बताया कि जमीन की रजिस्ट्री हो गई है। जमीन के मूल दस्तावेज एसईसीएल की सरायपाली बुड़बुड़ और वंदना पॉवर प्लाट के आवासीय कॉलोनी के लिए तहसील कार्यालय में जमा हो गई है। कुछ दिन बाद किंडो के पुत्र को नौकरी और जमीन का मुआवाजा मिल जाएगा। बाद में पूरे पेपर फर्जी निकले तो किंडो को ठगी का पता चला। उसने बांकीमोंगरा थाने में केस दर्ज कराई है।
Published on:
15 Jul 2018, 1:01 AM IST
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