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अब हर ब्लॉक में नींव रखी जाएगी गोंडवाना समाज के ‘घोटूल’ की : हीरासिंह मरकाम

कहा 5वीं-8वीं मेें पास करने का सिस्टम आदिवासी बच्चों को बना रहा पंगू
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कोरबा

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Shiv Singh

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Updated: 9 Aug 2018, 9:24 PM IST

कहा 5वीं-8वीं मेें पास करने का सिस्टम आदिवासी बच्चों को बना रहा पंगू

कहा 5वीं-8वीं मेें पास करने का सिस्टम आदिवासी बच्चों को बना रहा पंगू

कोरबा. गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हर ब्लॉक मुख्यालय में घोटूल की स्थापना का आह्वान किया है। इस घोटूल स्कूल में ऐसे आदिवासी बच्चे जो कि काफी गरीब और बेसहारा होते हैं उनको आश्रय देकर समाज द्वारा हर क्लास के लिए गोद लिया जाता है। जिसके कॉलेज की पढ़ाई होने तक समाज खर्च उठाता है। ऐसे स्कूल की स्थापना हर ब्लॉक में करने हीरासिंह मरकाम ने समाज से कही।


विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में गोगपा के प्रमुख हीरासिंह मरकाम ने सैकड़ों युवकों की बाइक रैली के बाद आमसभा को सम्बोद्धित करते हुए कहा कि सबसे अधिक आदिवासी वर्ग गरीबी की मार झेल रहा है। गरीब के घर पैदा होना गलत नहीं है गरीबी में ही मर जाना सबसे अधिक दु:खद है।

हम अपने बच्चों के लिए क्या छोड़कर जाते हैं कैसा भविष्य बनाकर जाते हैं ये ज्यादा महत्व रखता है। सरकार 5वीं व 8वीं कक्षा में अनिवार्य पास करने की नीति ने आदिवासी बच्चों को पंगू बनाकर रख दिया है। शहरी क्षेत्र में इसका बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ता। लेकिन बीहड़ पिछड़े इलाके में परीक्षा बहुत मायने रखती है। बगैर परीक्षा के पास होने से हमारे बच्चे काबिल नहीं बन पा रहे। यही वजह है कि 9वीं के बाद बच्चे फैल हो रहे हैं।
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दोनो हाथी फिर हुए आक्रमक, दरवाजा तोड़कर सीधे घुस गए कीचन, खा गए धान

कोरबा. दो हाथी फिर से आक्रमक हो गए हैं। बीती रात हाथियों ने मकान का दरवाजा तोड़कर सीधे कीचन में जा धमके और धान को खा गए। जाते-जाते दो मकान को भी तोड़ दिया। लोगों ने घर के भीतर बने पटाव में छिपकर अपनी जान बचाई। मशाल जलाकर लोग रतजगा करने पर मजबूर है।


फुटहामुड़ा में दो लोगों को बुरी तरह से कुचलने के बाद दोनों हाथी कोरबा रेंज में जा पहुंचे है। रजगामार के पुरानी बस्ती के बाद केराकछार गांव में भी हाथियों ने पिछले दो-तीन दिनों से काफी उत्पात मचा रहे हैं। बीती रात दोनों हाथी फिर से केराकछार गांव जा घुंसे। पहले हाथी एक मकान में घुसकर सीधे कीचन में जा घुसे। जहां रखे धान की को खासकर लगभग आधे घंटे बाद बाहर निकले। इधर गांव के ही रामधन और रामचरण के मकान में हाथियों ने धावा बोल दिया।

दोनों मकानों को तोड़ दिया। हाथियों के आक्रमक रवैय्ये को देखते हुए ग्रामीण बेहत दहशत में है। इधर वन विभाग भी कोई खास उपाय नहीं कर पा रहा है। लोग मशाल लेकर गांव से बाहर सड़क पर बैठक रतजगा कर रहे हैं। लेकिन बारिश होने की वजह से लोगों को सुरक्षित जगह के लिए परेशान हो रहे हैं।