
कोरबा एसईसीएल के गेवरा खदान (photo-patrika)
CGCoal India: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में कोल इंडिया ने सुपर 35 माइंस’ की सूची जारी की है। ये वे खदानें हैं, जो कोल इंडिया लिमिटेड को अपने उत्पादन लक्ष्य को हासिल करने में 73 फीसदी तक योगदान देती हैं। खास बात यह है कि इस सूची में कोरबा जिले की चार प्रमुख खदानें शामिल हैं, जिनमें से तीन टॉप रैंकिंग में हैं।
एसईसीएल की गेवरा ओपनकास्ट विश्व की दूसरी सबसे बड़ी ओपनकास्ट कोल माइंस है, जो सुपर 35 की सूची में पहले स्थान पर। कुसमुंडा विश्व की चौथी सबसे बड़ी कोल माइंस है,जो सूची में दूसरे स्थान पर है। वहीं एसईसीएल की मेगा प्रोजेक्ट दीपका ओपनकास्ट माइंस तीसरे स्थान पर है। इसी तरह एसईसीएल की छाल और मानिकपुर ओपन कास्ट माइंस को भी इस सूची में स्थान मिला है।
इधर चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही माह अप्रैल-जून के दौरान दो दिन पहले तक कोल इंडिया को 203.45 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य था। कोल इंडिया ने इसका 88.42 फीसदी याने 179.9 मिलियन टन कोयला उत्पादन कर लिया है। बता दें कि कोयला मंत्रालय ने इस वित्तीय वर्ष में कोल इंडिया को 875 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य दिया है। वहीं जिन खदानों को सूची में रखा गया है इन खदानों के बदौलत ही कोल इंडिया को लक्ष्य पूरा करने की उमीद रहती है।
Updated on:
30 Jun 2025 12:48 pm
Published on:
30 Jun 2025 12:48 pm
