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पिछड़ा वर्ग के 25 से अधिक जाति ने दिखाई एकजुटता, उतरे सड़क पर और 10 मांगो वाला पत्र सौंपा प्रशासन को

सीतामणी से लेकर सुभाष चौक तक बाइक रैली

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कोरबा

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Shiv Singh

Aug 10, 2018

सीतामणी से लेकर सुभाष चौक तक बाइक रैली

सीतामणी से लेकर सुभाष चौक तक बाइक रैली

कोरबा. पिछड़ा वर्ग सामाजिक समिति के बैनर तले 25 से अधिक जाति के लोगों ने एकजुटता दिखाते हुए लोगों ने सीतामणी से लेकर सुभाष चौक तक बाइक रैली निकाली फिर कोसाबाड़ी चौक तक पैदल चलकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
सीतामणी स्थित रामजानकी मंदिर से शुरू हुई बाइक रैली में काफी तादाद में लोग शामिल हुए। समाज के लोगों ने बताया कि देश में जनसंख्या के अनुपात में सबसे बड़ा समुदाय पिछड़ा वर्ग है।

लेकिन उसके बाद भी विकास की दृष्टि से पिछड़ा हुआ है। समाज की 10 सूत्रीय मांगों मेें प्रमुख रूप से पिछड़ा वर्ग को संवैधानिक दर्जा देने के पश्चात अतिशीघ्र उस पर कानून लागू करने, जनसंख्या के अनुपात पिछड़ा को आरक्षण देने सहित कई मांगे शामिल हैं। अधिक संख्या में रैली में शामिल लोगों को पुुलिस ने कोसाबाड़ी चौक पर ही बेरिकेटिंग कर रोक लिया। जहां एडीएम प्रियंका महोबिया मौके पर पहुंची, समिति ने राज्यपाल के नाम पर ज्ञापन सौंपा।

इस दौरान अधिवक्ता रोहित राजवाड़े, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अजय जायसवाल, पूर्व सभापति संतोष राठौर, एल्डरमेन झखेन्द्र देवांगन समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।

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गोंडवाना समाज हर ब्लॉक में रखेगा 'घोटुल' की नींव : हीरा सिंह मरकाम

कोरबा. गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हर ब्लॉक मुख्यालय में घोटुल की स्थापना का आह्वान किया है। इस घोटुल स्कूल में ऐसे आदिवासी बच्चे जो कि काफी गरीब और बेसहारा होते हैं उनको आश्रय देकर समाज द्वारा हर क्लास के लिए गोद लिया जाता है। जिसके कॉलेज की पढ़ाई होने तक समाज खर्च उठाता है। ऐसे स्कूल की स्थापना हर ब्लॉक में करने हीरासिंह मरकाम ने समाज से कही।


विश्व आदिवासी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में गोंगपा के प्रमुख हीरासिंह मरकाम ने सैकड़ों युवकों की बाइक रैली के बाद आमसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि सबसे अधिक आदिवासी वर्ग गरीबी की मार झेल रहा है। गरीब के घर पैदा होना गलत नहीं है गरीबी में ही मर जाना सबसे अधिक दु:खद है। हम अपने बच्चों के लिए क्या छोड़कर जाते हैं कैसा भविष्य बनाकर जाते हैं ये ज्यादा महत्व रखता है। सरकार ५वीं व ८वीं कक्षा में अनिवार्य पास करने की नीति ने आदिवासी बच्चों को पंगू बनाकर रख दिया है। कार्यक्रम में समाज के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।