
Medical college hospital SNCU
कोरबा. Newborn death: मेडिकल कालेज अस्पताल की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। एसएनसी यूनिट में ऑक्सीजन की सप्लाई बंद होने से वेंटिलेटर पर सांस ले रहे एक नवजात शिशु की मौत हो गई। गंभीर हालत में दूसरे बच्चे को बिलासपुर सिम्स रेफर किया गया। घटना से नाराज परिवार ने मेडिकल कालेज अस्पताल (Medical college hospital) में जमकर हंगामा किया। प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। वहीं इस घटना से डरे 2 शिशुओं के माता-पिता उन्हें वहां से निकालकर निजी अस्पताल चले गए।
घटना बुधवार देर रात की बताई जा रही है। दीपका निवासी अमित कुमार की पत्नी ने एक शिशु को जन्म दिया था। हालत गंभीर होने पर शिशु को कोरबा मेडिकल कॉलेज की एसएनसी यूनिट में वेंटिलेटर पर रखा गया था। इस यूनिट में तीन अन्य बच्चे भी भर्ती थे।
बुधवार देर रात लगभग 1.30 बजे अस्पताल की बिजली बंद गई। यूनिट में ऑक्सीजन की सप्लाई ठप हो गई। इससे यूनिट में अफरा तफरी मच गई। दम घुटने से अमित कुमार के बच्चे की मौत हो गई। जबकि एक अन्य नवजात शिशु गंभीर हालत स्थिति में कोरबा से बाहर बिलासपुर सिम्स रेफर किया गया।
घटना से नाराज परिवार के लोगों ने अस्पताल में हंगामा किया। अस्पताल प्रबंधन, डॉक्टर और नर्स पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। घटना से डरकर आनन फानन में दो माता पिता अपने शिशु को लेकर निजी अस्पताल चले गए। घटना से कॉलेज प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है।
शार्ट सर्किट से बंद हुई बिजली, प्रबंधन का दावा वेंटिलेटर चालू
बताया जाता है कि मेडिकल अस्पताल की एसएनसी यूनिट में बुधवार की रात लगभग डेढ़ बजे शार्ट सर्किट हुआ। इससे अस्पताल में बिजली की आपूर्ति ठप हो गई। प्रबंधन का दावा है कि बिजली बंद होने के बाद भी वेंटिलेटर चालू रहा।
बल्कि नवजात पहले से कमजोर था। उसकी स्थिति गंभीर होने से मौत हुई। प्रबंधन का कहना है कि बिजली बंद होने के बाद भी वेंटिलेटर में दो घंटे बैकअप था। हालांकि मौत कैसे हुई? इसपर कुछ बोलने से प्रबंधन बच रहा है। उसका दलील है कि मामले की जांच की जा रही है।
स्थिति गंभीर होने से शिशु की हुई मौत
दो नवजात शिशु को एसएनसीयू यूनिट में वेंटिलेटर पर रखा गया था। स्थिति गंभीर होने पर एक शिशु की मौत हुई। एक अन्य नवजात को सिम्स रेफर किया गया है। एसएनसीयू में शॉर्टसर्किट हुई है, लेकिन नवजात की मौत वेंटिलेंटर बंद होने की वजह से नहीं हुई। मौत के कारण की जांच की जा रही है।
-डॉ. अविनाश मेश्राम, डीन, मेडिकल कॉलेज अस्पताल, कोरबा
Published on:
28 Jul 2022 08:43 pm
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