
डिस्पेंसरी में नर्स ने कॉलर पकड़कर डॉक्टर को पीटा, चिकित्सक और क्लर्क पर मुकदमा भी करवाया दर्ज
कोरबा/दीपका. प्रगतिनगर की डिस्पेंसरी में नर्स और अन्य स्टॉफ के बीच चल रहा विवाद शनिवार को संघर्ष का रूप ले लिया। नर्स ने डिस्पेंसरी के डॉक्टर पर गर्म चाय की प्याली फेंक दिया। कॉलर को पकड़कर डॉक्टर को फर्स पर गिरा गया। डॉक्टर के साथ मारपीट किया।
डिस्पेंसरी के स्टॉफ ने बीच बचाव करके डॉक्टर को नर्स से बचाया। नर्स यहां से थाना पहुंच गई। उसने डॉक्टर और क्लर्क पर मारपीट का केस दर्ज कराया। डॉक्टर ने भी नर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस दोनों पक्ष पर केस दर्जकर जांच कर रही है।
मारपीट की यह घटना दीपका के प्रगतिनगर डिस्पेंसरी में शनिवार की सुबह लगभग 11 बजे हुई। डिस्पेंसरी में कार्य करने वाली सीनियर नर्स दीपा दास ने शनिवार को खुद चाय बनाया। कप में चाय लेकर अन्य स्टॉफ को देने पहुंची। क्लर्क मधु राजपूत के कमरे में भी गई। वहां नर्स का मधु राजपूत से विवाद हो गया।
मधु नर्स दीपा की शिकायत लेकर डिस्पेंसरी के डॉक्टर यूपी सिंह के पास पहुंचा। प्याली में भरी चाय लेकर दीपा भी डॉक्टर की चेम्बर में पहुंच गई। वहां डॉक्टर का दीपा से विवाद हो गया। नर्स दीपा ने डॉ. यूपी सिंह पर एक पक्ष की बात सुनने और एक पक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाया।
डॉक्टर पर गर्म चाय को फेंक दिया। डॉक्टर की कॉलर पकड़कर अपनी ओर खींचा। शर्ट का बटन टूट गया। डॉ. यूपी सिंह फर्स पर गिर गए। नर्स ने डॉक्टर से हाथापाई करते हुए पीट दिया। क्लर्क मधु राजपूत और डॉॅ. यूपी सिंह ने भी नर्स को पीट दिया। दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई।
घटना के समय डिस्पेंसरी में मौजूद स्टॉफ और अन्य लोगों ने दोनों को अलग किया। डॉ. सिंह ने घटना से एनसीएच के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को अवगत कराया। दीपका के प्रबंधन को भी सूचित किया। दीपका के कार्मिक प्रबंधक सहित अन्य स्टॉफ डिस्पेंसरी पहुंचे। तब नर्स डिस्पेंसरी से दीपका थाना पहुंच गई।
नर्स ने डॉक्टर यूपी सिंह और क्लर्क मधु राजपूत के खिलाफ मारपीट, गाली गलौच और धमकी देने की लिखित शिकायत थाना में दर्ज कराई। पुलिस ने नर्स की रिपोर्ट पर डॉ. सिंह और क्लर्क मधु के खिलाफ केस दर्ज किया। इस बीच डॉक्टर सिंह, क्लर्क मधु और डिस्पेंसरी के अन्य स्टॉफ भी थाना पहुंच गए। डॉक्टर और क्लर्क ने नर्स दीपा पर मारपीट और गाली गलौच का केस दर्ज कराया। पुलिस ने एक दूसरे की रिपोर्ट पर दोनों पक्षों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले की जांच कर रही है।
पिछले साल प्रबंधन ने नर्स को किया था सस्पेंड
डिस्पेंसरी में काम करने वाले स्टॉफ व डॉक्टर का नर्स से कई माह से विवाद चल रहा है। पिछले साल डिस्पेंसरी के डॉक्टर सहित अन्य स्टॉफ ने बाहर बैठकर मरीजों का इलाज किया था। नर्स दीपा का तबादला अन्य स्थान पर करने की मांग किया था। कंपनी ने विभागीय जांच के बाद नर्स को सस्पेंड कर दिया था। लेकिन उसका तबादला नहीं किया गया था।
एक दिन पहले भी हुआ था विवाद, डॉक्टर ने यूनियन से मांगी मदद
डिस्पेेसरी में विवाद की स्थिति आए दिन निर्मित हो रही है। घटना से एक दिन पहले शुक्रवार को भी नर्स के साथ अन्य स्टॉफ का विवाद हुआ था। इसकी जानकारी डॉक्टर को भी थी। डॉक्टर ने श्रमिक संगठनों से मदद मांगते हुए नर्स का अन्य स्थान पर तबादला करने की मांग की थी। इसे लेकर शनिवार को यूनियन के प्रतिनिधि एनसीएच के सीएमओ से मिलने वाले थे। इसके पहले डिस्पेंसरी में मारपीट की घटना हो गई।
विवाद से इलाज कराने डिस्पेंसरी नहीं जाते मरीज
बताया जाता है कि नर्स से अन्य स्टॉफ का चल रहा विवाद खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। इससे मरीज परेशान हैं। इलाज कराने के लिए डिस्पेंसरी जाने से बचते हैं। डिस्पेंसरी में डॉक्टर की सलाह पर लगाए जाने वाला इंजेक्शन भी एनसीएच में पहुंचकर लगाते हैं।
Published on:
18 Jul 2021 06:01 pm
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