
अफसरों ने कहा तय डिजाइन के अनुसार हो रहा निर्माण, इधर मकान खरीदने वाले हितग्राही हुए लामबंद
कोरबा. हाउसिंग बोर्ड द्वारा झगहरा में बनाये जा रहे मकान खरीदने वाले हितग्राही लामबंद हो गए हैं। हितग्राहियों का कहना है कि स्वतंत्र मकान होने की वजह से खरीदी की गई थी, लेकिन बीच में एक दीवार कॉमन रखा जा रहा है। छत और दीवार संयुक्त तौर पर बनाई जा रही है। इधर अफसरों का कहना है कि तय डिजाइन के अनुसार ही निर्माण किया जा रहा है, अगर किसी को दिक्कत है तो अपना पैसा वापस ले सकते हैं।
24 अक्टूबर को हाउसिंग बोर्ड झगरहा के हितग्राहियों ने पुष्पलता उद्यान में बैठक रखी। हितग्राहियों ने बताया कि गृह निर्माण मंडल संपदा प्रबंधन प्रक्षेत्र कोरबा द्वारा झगरहा में निर्माणाधीन कॉलोनी में जूनियर एमआईजी एवं एलआईजी के स्वतंत्र मकान खरीदने आवेदन लिया गया था, लेकिन हाउसिंग बोर्ड कोरबा दीवार एवं छत संयुक्त कर दिया गया है। हितग्राहियों ने आरोप लगाया कि भवन का नक्शा भी तय डायग्राम अनुसार नहीं है।
हितग्राहियों को जो भूखण्ड व भवन का डिजाइन दिखाया गया था उसी के अनुसार लागत व्यय, स्टीमेट आदि तैयार किया गया था। ३१ स्वतंत्र आवास के स्थान पर संयुक्त आवास बनाया जा रहा है। हितग्राही बैंक से लोन लेकर 60 प्रतिशत से अधिक राशि जमा कर चुके हैं।
स्वतंत्र आवास का सौदा कर संयुक्त आवास बेचना गृह निर्माण मंडल की धोखाधड़ी है। इस बैठक में हितग्राही राधेश्याम कुमार, टीएम शाजी, डी चक्रवर्ती, संजू सिंह ,दीपक राणा,संजय पाटले, शोभा यादव , अर्चना गुप्ता, जयवर्धन, राजेश कुर्रे, विनोद कुमार साहू, नंद किशोर प्रजापति, स्वाति राठौर, विन्ध्येश्वरी खूंटे, विजय लक्ष्मी देवांगन, कविता श्रीवास, सुरेन्द्र कुमार खूंटे सहित अन्य हितग्राही उपस्थित थे। हितग्राहियों ने विभाग को शिकायत की है। बताया जा रहा है कि सीढ़ी के समीप जगह महज ढाई फीट ही छोड़ा गया है।
-हितग्राहियों को स्वतंत्र मकान को लेकर भ्रम की स्थिति है। हर जगह एक दीवार कॉमन ही बनाएं जा रहे हैं। तय डिजाइन के हिसाब से ही काम किया जा रहा है। अगर किसी को परेशानी है तो वह अपना पैसा वापस ले सकता है- आर निखरा, ईई, हाउसिंग बोर्ड
Published on:
28 Oct 2018 12:10 pm
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