
पुलिस परिवार को आंदोलन में शामिल होने से रोकने पुलिस ने ट्रेन की बोगियों व बस में चढ़कर खोजा, नहीं मिला कोई आंदोलनकारी
कोरबा. राजधानी रायपुर में पुलिस कर्मियों के आंदोलन को लेकर कोरबा पुलिस दिन भर सतर्क रही। एसपी मयंक श्रीवास्तव खुद सड़क पर उतरे। स्थिति का जायजा लेने रेलवे स्टेशन भी गए। कोरबा पुलिस का दावा है कि रायपुर के आंदोलन में जिले से न तो कोई पुलिस कर्मी शामिल हुआ न ही उसका परिवार। कोरबा में तैनात पुलिस कर्मियोंं का कोई परिवार रायपुर की धरना प्रदर्शन में शामिल न हो सके। इसके लिए पुलिस काफी सक्रिए रही। शहर और इसके बाहर पुलिस ने चेकिंग के लिए 10 प्वाइंट बनाए थे। शहर के भीतर कोतवाली पुलिस ने सभी सवारी गाडिय़ों की तलाशी ली। बसों को रोककर छानबीन की।
रेलवे स्टेशन में पुलिस का पहरा सख्त रहा। पुलिस ने ट्रेन की बोगियों में चढ़कर पुलिस कर्मी या उनके परिवार को खोजा, लेकिन कोई पकड़ में नहीं आया। स्थिति की जानकारी लेने एसपी मयंक श्रीवास्तव खुद शहर में निकले। शहर में घुमकर पुलिस की व्यवस्था को देखा। रेलेवे स्टेशन में तैनात किए गए सुरक्षा कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। एएसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि धरना प्रदर्शन में पुलिस परिवार का कोई व्यक्ति शामिल न हो। इसकी समझाइस देने के लिए पतासाजी की जा रही थी। चेकिंग के दौरान कोरबा में एक भी पुलिसकर्मी या उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं मिला जो रायपुर की रैली में शामिल होने जा रहा हो।
अफसरों ने ली राहत की सांस
कोरबा पुलिस का दावा है कि रायपुर की रैली प्रदर्शन मेंं कोरबा पुलिस या उसके परिवार का कोई सदस्य शामिल नहीं हुआ। धरना प्रदर्शन में किसी के शामिल नहीं होने से अफसरों ने भी राहत की सांस ली है। पुलिस मुख्यालय प्रदर्शनकारियों पर नजर रख रहा था। अधीनस्थ अफसरों को निर्देश दिया था कि जिले से कोई पुलिस कर्मी या परिवार नहीं पहुंचे। इसकी निगरानी करें।
विधायक व पूर्व डीएसपी ने किया समर्थन
इधर, रामपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक श्यामलाल कंवर ने पुलिस कर्मियों की मांग का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मैं डीएसपी रह चुका हूृं। पुलिस कर्मियों के दुख दर्द को समझता हूं। उन्होंने सरकार से भी मांगे मान लेने के लिए कहा।
सख्त रहा पहरा, रायपुर नहीं पहुंचे प्रदर्शनकारी
इधर, राजधानी में किए गए आंदोलन की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वाइरल हुई है। इसमें गिनती के प्रदर्शनकारी ही दिख रहे हैं। यानी सरकार पुलिस कर्मियों के आंदोलन को कुचलने में सफल रही है। वहीं एक पूर्व पुलिस अधिकारी ने बताया कि आंदोलन का मकसद सरकार को संदेश देना था। आंदोलन सफल रहा है।
Updated on:
26 Jun 2018 12:35 pm
Published on:
25 Jun 2018 08:42 pm
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