
कन्वेयर बेल्ट के लिए रेलवे ने दिया ब्लॉक, संयंत्र तक कोयले की आपूर्ति के लिए किया जा रहा काम
कोरबा. गाटर बिछाने के लिए रेल प्रशासन (Railway) ने बुधवार दोपहर 3.15 बजे से शाम 5.15 बजे तक के लिए ब्लॉक दिया था। इस अवधि में बिजली उत्पादन कंपनी ने ठेका मजदूरों के जरिए कार्य को पूरा कर लिया। इसके पहले २५ अक्टूबर को रेल प्रशासन ने दो घंटे के लिए ब्लॉक दिया था। कार्य को पूरा करने के लिए रेल प्रशासन दो बार ब्लॉक दे चुका है। 60 फीसदी से अधिक कार्य पूरा हो गया है। बिजली उत्पादन कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि एक बार और ब्लॉक की जरुरत है। इसके बाद कन्वेयर बेल्ट के लिए गाटर लगाने का काम पूरा हो जाएगा। कार्य के दौरान हसदेव ताप विद्युत गृह के मुख्य अभियंता पीपी मोडक भी उपस्थित थे।
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सितंबर 2013 में हसदेव ताप विद्युत गृह परिसर में 500 मेगावाट की इकाई स्थापित हुई थी। प्लांट तक कोयला पहुंचाने के लिए कुसमुंडा खदान से संयंत्र परिसर तक कन्वेयर बेल्ट बिछाने की योजना बनाई थी। संयंत्र चालू हो गया, लेकिन कंपनी कन्वेयर बेल्ट नहीं बिछा सकी। लगभग छह साल तक मामले ठंडे बस्ते में रहा। रेल प्रशासन की ओर से ब्लॉक नहीं मिलने से देरी हुई।
दूर होगी कोयले की संकट
संयंत्र तक कोयले की आपूर्ति के लिए कन्वेयर बेल्ट की तीन लाइन बिछाई जा रही है। दो बार ब्लॉक मिलने के साथ ही दो लाइन का कार्य पूरा हो गया है। तीसरी लाइन के लिए भी ब्लॉक लेने की प्रक्रिया चालू की गई है।
रेल लाइन के ऊपर से लगाई जा रही गाटर
बरमपुर कुसमुण्डा से हसदेव ताप विद्युत गृह तक कन्वेयर बेल्ट बिछाने का काम पूरा हो गया था। बरमपुर के पास स्थित रेल लाइन की दूसरी ओर गाटर नहीं लगा है। इससे कन्वेयर के जरिए कोयला परिवहन नहीं हो रहा है।
Published on:
21 Nov 2019 01:19 pm
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