
रंगरलिया मनाते पकड़ा गया प्राचार्य अब कहां मना रहा रंगरलिया जो अब तक डीईओ ऑफिस में नहीं दी आमद
कोरबा. तीन दिन पहले संभागायुक्त ने शासकीय हाई स्कूल तानाखार के प्राचार्य मनोज सराफ को निलंबित कर दिया था। जिसके बाद से अब तक सराफ ने जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में आमद नहीं दी है। तो दूसरी तरफ सराफ के स्थान पर तानाखार में ही पदस्थ वरिष्ठ व्याख्याता को प्राचार्य का प्रभार दिया गया है।
पिछले माह की तीन जून को मनोज सराफ युवती के साथ आपत्तिजनक स्थति में पाए गए थे। जिसके बाद काफी हंगामा हुआ था। अभिरक्षा में 67 घंटे रहने के कारण सराफ को संभागायुक्त ने 10 जून को सस्पेंड कर दिया था। निलंबन अवधि के दौरान सराफ को डीईओ ऑफिस में अटैच किया गया था। लेकिन सराफ अब तक डीईओ ऑफिर पहुंचकर ज्वाईनिंग नहीं दी है।
आदेश जारी होने के पहले ही सराफ छुट्टी पर
निलंबन जारी होने के पहले ही मनोज सराफ छुट्टी पर चले गए थे। जिसके कारण ही वह अब तक डीईओ ऑफिस में उपस्थित नहीं हुए हैं। नियमानुसार उन्हें हर हफ्ते में कम से कम डीईओ ऑफिस में उपस्थित होना है। हालांकि निलंबित व्यक्ति कार्य नहीं लिया जाता है।
तकनीकी कारणों से हुई थी देरी
दो माह पूर्व कलेक्टर कार्यालय कोरबा ने मनोज सराफ के सम्बन्ध में सभी जानकारी बिलासपुर कमिश्नर को प्रेषित की गई थी जिसके बाद से यह कयास लगाए जा रहे थे कि संभागायुक्त जल्द ही कोई फैसला ले सकते है। दरअसल प्राचार्य राजपत्रित अधिकारी होते हैं। जिसे कलेक्टर सीधे सस्पेंड नहीं कर सकते। इसलिए विस्तृत रिपोर्ट अनुशंसा सहित संभागायुक्त को प्रेषित की गई थी। इस कारण मामला लंबा खिंच गया।
-निलंबन होने के बाद सराफ ने डीईओ ऑफिस में ज्वाईनिंग नहीं दी है। नियमानुसार उन्हें नियमित तौर यहां उपस्थित होना है। तानाखार के ही वरिष्ठ व्याख्याता को प्राचार्य का प्रभार सौंपा गया है- डीके कौशिक, डीईओ, कोरबा
Published on:
15 Jul 2018 07:08 pm
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