
Soil Health Card Yojana 2024: कोरबा जिले में इस बार आठ हजार किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ग्रामीण विस्तार अधिकारियों को बारिश से पहले सैंपल लेने का काम पूरा करना होगा। इसके बाद सैंपलिंग में परेशानी हो सकती है।
केंद्र सरकार की योजना अंतर्गत मृदा परीक्षण के लिए कृषि अनुविभागीय कार्यालय में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित किया गया है। विभाग की ओर से खेती-किसानी का काम शुरू होने से पहले खेतों से मिट्टी जांच के लिए सैंपल एकत्र करना होगा। इसकी प्रक्रिया शुरू होगी। मिट्टी का नमूना कृषि अनुविभागीय कार्यालय में स्थित मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला में भेजी जा रही है। साथ ही खेती-किसानी का काम शुरू होने से पहले स्वाइल हेल्थ कार्ड का वितरण करना होगा। ताकि किसानों को उनकी खेत का उर्वराशक्ति, पोषक तत्व सहित अन्य उर्वरता की सही जानकारी हो सके और उसी आधार पर खेत में उर्वरता बढ़ाकर फसल प्राप्त कर सके। स्वाइल हेल्थ कार्ड से किसानों के फसल में उत्पादन में वृद्धि होगी। गौरतलब है कि पिछले साल से एक बार फिर मिट्टी परीक्षण का कार्य शुरू हुआ है। तीन साल से स्वाइल हेल्थ कार्ड वितरण नहीं होने से किसानों को काफी परेशानी हुई थी।
बताया जा रहा है कि मिट्टी की जांच 12 पैरामीटर में होती है। इसमें आर्गेनिक कार्बन, नाइट्रोजन, पोटाश, फास्फोरस, पीएच लवणता, बेरॉन, आयरन सहित अन्य प्रकार की जांच होती है। इससे किसान मृदा और स्त्रोतों के अनुकूल फसल में उपयोग क्षमता के लिए उर्वरता को संतुलित बनाए रखते हैं। इससे फसल के उत्पादन में वृद्धि होती है।
जिले को इस साल आठ हजार सैंपल जांच का लक्ष्य मिला है। इसे पांच विकासखंड में विभाजित किया गया। प्रत्येक विकासखंड के 1600-1600 किसानों के खेत से ग्रामीण विकास विस्तार अधिकारी मिट्टी के सैंपल एकत्र करेंगे। कृषि अनुविभागीय कार्यालय के प्रयोगशाला में मिट्टी के उर्वराशक्ति, पोषक तत्व सहित अन्य उर्वरता की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट की जानकारी किसानों को दी जाएगी।
Published on:
15 May 2024 07:27 pm
