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दर्री जोन की बदहाल विद्युत व्यवस्था के विरोध में वार्डवासियों ने दिया धरना, घंटों बैठे रहे दफ्तर के बाहर

घंटो दफ्तर के सामने अधिक संख्या मेें वार्डवासी बैठे रहे।

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कोरबा

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Shiv Singh

Sep 05, 2018

घंटो दफ्तर के सामने अधिक संख्या मेें वार्डवासी बैठे रहे।

घंटो दफ्तर के सामने अधिक संख्या मेें वार्डवासी बैठे रहे।

कोरबा. पिछले कुछ दिनों से लगातार 10 से 15 घंटे बिजली कटौती से नाराज लोगों ने मंगलवार को दर्री स्थित विद्युत कार्यालय का घेराव कर दिया। घंटो दफ्तर के सामने अधिक संख्या मेें वार्डवासी बैठे रहे।


पूरे जिले में लचर विद्युत व्यवस्था से लोग हलाकान हैंं। खासकर उपनगरीय क्षेत्र कुसमुंडा, पंखादफाई, बांकीमोंगरा, कटाईनार के लोग सबसे अधिक परेशान है। अघोषित बिजली कटौती का आलम यह है कि 24 घंटे में ज्यादातर समय बिजली गुल रहती है। जिसे लेकर वार्ड क्रमांक 56 पंखादफाई के लोगों ने एमआईसी सदस्य एवं वार्ड पार्षद भुनेश्वरी देवी की अगुवाई में विद्युत वितरण कार्यालय लाल मैदान एचटीपीएस दर्री का घेराव कर दिया। घेराव के कारण कर्मचारी कार्यालय नहीं जा सके।

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वितरण कार्यालय के सामने आक्रोशित लोग धरने पर बैठकर नारेबाजी करते रहे। घंटो प्रदर्शन के बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द समस्या का स्थायी निराकरण कर लिया जाएगा। उसके बाद घेराव खत्म किया।

कई क्षेत्रों मे मीटर रीडिंग बंद
बिजली गुल रहने की व्यवस्था के साथ ही अनाप-शनाप बिजली बिल से भी विभाग की मुश्किलें बढ़ी हुई है। जिसका एक कारण मीटिर रीडिंग मे लापरवाही भी है। शहरी जोन के कई क्षेत्रों मे मीटर रीडिंग कार्य बंद है। जिसके कारण उपभोक्ताओं के मीटरों का नियमित तौर पर रीडिंग दर्ज नहीं किया जाता। जहां मीटर रीडिंग होती है। वहां भी कई तरह की शिकायतें सामने आती रहती है।

फ्यूज कॉल सेंटर बंद
शहर के तीन जोन मे पांच फ्यूज कॉल सेंटर को मंजूरी दी गई है। सेंटर को ठेका पद्धति से संचालित किया जाता है। जहां वाहन सहित 8 से 10 स्टाफ कार्य करते हैं। लेकिन यह सेंटर भी वर्तमान मे बंद है। केवल पोड़ीमार जोन मे ही फ्य़ूज कॉल सेंटर मौजूद है। नियमित लाईन स्टाफ फ्यूज कॉल अटेंड करते हैं। अमले की कमी की वजह एक साथ दो तीन स्थानों पर फॉल्ट आ जाने की स्थिति मे सभी को ठीक कर पाना विभाग के नामुनकिन सा हो जाता है।

व्यवस्था भी पंगु
विभाग के कर्मियों के पास फॉल्ट सुधारने के लिए वांछित संसाधनों का भी अभाव है। सुरक्षा उपकरणों से लेकर सामान्य केबल, फ्यूज वायर व डीओ वायर जैसे संसाधन भी उपलब्ध नहीं रहते। ऐसे कई संसाधन हैं जो विभाग के पास मौजूद नहीं होते। जिसे स्थानीय निवासियों की सहायता से जुटाया जाता है।