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16200 बारदाना हेराफेरी का मामला: सोसायटी मैनेजर समेत 6 के खिलाफ एफआईआर, कर्मचारियों ने मचाया हंगामा

Bardana rigging case: आदिम जाति सेवा सहकारी समिति गिरजापुर के मैनेजर सहित स्टाफ को थाने में किया गया तलब, कार्यपालिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में आधी रात तक लिया गया बयान, कर्मचारियों का हंगामा, पुलिस बल तैनात

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Bardana

Ruckus by Societies employees

बैकुंठपुर. Bardana rigging case: आदिम जाति सेवा सहकारी समिति गिरजापुर में 16200 बारदाने की हेराफेरी कर शासन को करोड़ों का चूना लगाया गया था। इस मामले में सोसाइटी मैनेजर सहित स्टाफ को थाना तलब कर सोमवार आधी रात तक बयान लिया गया। मामले में सोसाइटी मैनेजर सुरेंद्र राजवाड़े, फड़ प्रभारी दिनेश कुशवाहा सहित अन्य स्टाफ के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। वहीं दूसरी ओर गिरजापुर समिति में शाम से जिलेभर के सहकारी कर्मचारी पहुंचे और हंगामा करने लगे। यह देखते हुए पटना पुलिस भी मौके पर पहुंची।


बैकुंठपुर तहसीलदार मनहरण सिंह राठिया सहित जांच टीम तीसरे दिन गिरजापुर समिति जांच करने पहुंची। साथ ही प्रशासन के निर्देश पर मैनेजर सहित स्टाफ एफआईआर दर्ज करने पटना थाना में प्रतिवेदन दिया गया है। मामले में तहसीलदार देर रात तक पटना थाना में मौजूद रहे।

इसी बीच समिति के स्टाफ उमेश देवांगन, दिनेश कुशवाहा, ईश्वर साहू, उमेश कुशवाहा सहित 6 प्रभारी-कर्मियों को थाना तलब किया गया। मामले में आधी रात तक पूछताछ कर बयान लेने के बाद छोड़ दिया गया। गौरतलब है कि गिरजापुर उपार्जन केंद्र में बड़े पैमानें पर कागजों में फर्जी तरीके से धान खरीदी की करने की शिकायत मिली थी।

मामले में कलक्टर के निर्देश पर तहसीलदार बैकुंठपुर के नेतृत्व में टीम गठित कर रात को गिरजापुर धान खरीदी केंद्र में छापामार कार्यवाही करने भेजी गई थी। इसमें हल्का पटवारी गिरजापुर योगेश गुप्ता, संजय सूर्यवंशी, रानू कुर्रे, शकुंतला सिंह शामिल थे। इस दौरान उपार्जन केंद्र के चार कर्मचारियों के घर से 16200 बारदाना बरामद हुआ था।

समिति स्टाफ उमेश देवांगन के घर से 7000 बारदाना, दिनेश कुशवाहा के घर से 2000 बारदाना, ईश्वर साहू के घर से 7000 बारदाना व उमेश कुशवाहा के घर से 200 बारदाना मिला था। प्रशासनिक टीम की जांच तीसरे दिन भी चली।

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अंतिम 2 दिन गिरजापुर के पूरे स्टाफ बदले गए
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी निर्धारित थी। इसी बीच तहसीलदार के नेतृत्व में जांच टीम पहुंची और भारी मात्रा में चार कर्मियों के घर में छिपाए गए बारदाने को जब्त कर लिया गया। साथ ही धान खरीदी की अंतिम दो दिन 30-31 जनवरी को गिरजापुर केंद्र के मैनेजर सहित सारे स्टाफ को बदल दिया गया।

धान खरीदी करने दूसरी समिति के स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई। हालांकि अंतिम दो दिन नाममात्र की धान खरीदी हुई है। गिरजापुर समिति में हेराफेरी के बीच पंजीकृत 1454 किसानों से ७०८७७.६० क्विंटल धान की खरीदी हुई है। बावजूद पंजीकृत 153 किसान धान बिक्री करने से चूक गए हैं।

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धान खरीदी में फर्जीवाड़ा, इन धाराओं में अपराध दर्ज
जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार के प्रतिवेदन के आधार पर पटना थाने में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। धान खरीदी व बारदाने में हेराफेरी करने वाले समिति प्रबंधक, फड़ प्रभारी सहित अन्य स्टाफ के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध हुआ है। पुलिस ने धारा 120 बी, 409, 420, 467, 468 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।