प्रधान पाठक का यह कृत्य प्रथम दृष्ट्या गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। ह्लद्मह्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा(आचरण) नियमए 1965 के नियम 3 व नियम 23 के सर्वथा विपरीत है। मामले में डीईओ ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा(वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियमए 1966 के नियम 9 के अनुसार प्रधान पाठक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में प्रधान पाठक को कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी सोनहत अटैच किया गया है।