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भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा छत्तीसगढ़ का दूसरा इलेक्ट्रिक शवदाह गृह, पूर्व और वर्तमान महापौर आमने-सामने

Electric Crematorium: महापौर (Mayor) ने कलक्टर को जांच कराने लिखा पत्र, कहा- शवदाह गृह (Crematorium) प्रारंभ कराने कई बार कर चुकी निर्देशित लेकिन निगम (Nagar Nigam) के अधिकारी नहीं सुन रहे

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Electric Crematorium Chirimiri

Electric Crematorium

चिरमिरी. कोरिया जिले के चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का दूसरा और सरगुजा संभाग का पहला विद्युत शवदाह गृह (Electric Crematorium) बना है। नगर निगम में डीएमएफ मद से 30 लाख खर्च कर स्थापित विद्युत शवदाह गृह निर्माण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है।

मशीन कबाड़ हो रही है। ऐसे में भ्रष्टाचार की जांच करान महापौर ने कलक्टर (Koria Collector) को पत्र लिखा है। इधर इलेक्ट्रिक शवदाह गृह को लेकर पूर्व महापौर व वर्तमान महापौर आमने-सामने हैं।

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महापौर ने पत्र में कहा है कि वर्ष 2018 में जिला खनिज न्यास मद से नगर निगम चिरमिरी के डोमनहिल मुक्तिधाम में विद्युत शवदाह गृह (Electric Crematorium) स्थापित करने स्वीकृति मिली थी। मामले में नगर निगम चिरमिरी को निर्माणकर्ता एजेंसी बनाया गया था। इस दौरान डोमनहिल मुक्तिधाम में विद्युत शवदाह गृह स्थापित कर ठेकेदार को संपूर्ण राशि का भुगतान कर दिया गया है। विद्युत शवदाह गृह प्रारंभ नहीं हुआ है।

बावजूद ठेकेदार को सुरक्षित राशि एवं अमानत राशि का भुगतान कर दिया गया है। निगम (Nagar Nigam Chirimiri) में लापरवाही के कारण विद्युत शवदाह गृह प्रारंभ नहीं होने से जनता को लाभ नहीं मिल रहा है। क्योंकि निगम के जनप्रतिनिधि व अफसरों ने विद्युत शवदाह गृह को समय पर प्रारंभ नहीं कराया।

मैंने स्वयं स्थल निरीक्षण कर निगम को विद्युत शवदाह गृह को शीघ्र प्रारंभ करने निर्देशित कर चुकी हूं। लेकिन आज तक विद्युत शवदाह गृह प्रारंभ नहीं किया गया है। मामले में निगम क्षेत्र के नागरिकों में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए आक्रोश बढ़ रहा है।

महापौर जायसवाल ने तत्काल विद्युत शवदाह गृह को प्रारंभ करने, अनियमित रूप से ठेकेदार को अमानत एवं सुरक्षित राशि सहित पूरा भुगतान की जांच कर दोषी अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्यवाई करने मांग रखी है।

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वर्तमान महापौर व पूर्व महापौर आमने-सामने
नगर निगम चिरमिरी निवासी कांग्रेस के बड़े नेता व पूर्व महापौर के डोमरु रेड्डी ने विद्युत शवदाह गृह का उपयोग नहीं करने का आरोप लगाया था।

वहीं दूसरी ओर महापौर जायसवाल ने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच बचाव के विकल्प को छोड़ पूर्व जनप्रतिनिधि Social Media सहित अन्य माध्यम से अपनी राजनीति (Politics) का चश्मा चमकाने की झूठी कोशिश कर रहे हैं। उनका यह कार्य कभी सकारात्मक नहीं हो सकता है। उनके कार्यों से जिले का एकलौता नगर निगम दंश झेल रहा है।