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लॉकडाउन में फल खाना हुआ और महंगा, सेब 200 रुपए तो संतरा बिक रहा 160 रुपए, अंगूर और केला…

Fruit rate: फल विक्रेताओं का कहना कि हमें ही एजेंसियों (Fruit Agencies) से ज्यादा रेट में मिल रहा, वहीं व्यापारी लॉकडाउन (Lockdown) के कारण आवक कम होने से कीमत बढऩे की कह रहे बात

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Fruit rate

मनेंद्रगढ़. लॉकडाउन (Lockdown) के कारण शहर में फलों के दाम आसमान छूने लग गए हैं। फिलहाल सेब 200 रुपए प्रति किलो, संतरा 160 रुपए प्रति किलो, अंगूर 120 रुपए प्रति किलो, केला 60 से 80 रुपए दर्जन बिक रहा है।

जबकि लॉकडाउन से पूर्व सेब 140 रुपए, संतरा 80 व अंगूर की कीमत 80 रुपए थी। महंगाई के इस दौर में फल खरीदने के लिए लोगों की जेब पहले की अपेक्षा ज्यादा ढीली हो रही है।

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व्यापारियों के मुताबिक रायपुर (Raipur) में लॉकडाउन व अन्य राज्यों की सीमाएं सील होने से फलों का पर्याप्त आवक नहीं हो पा रहा है। इस वजह से दाम बढ़ गए हैं। ठेले वालों को ही ज्यादा कीमत पर खरीदनी पड़ रहा है। हालांकि कई ठेले वाले भी ज्यादा दाम बढ़ाकर फल बेच रहे हैं। लाकडाउन के कारण फलों का स्टॉक भी नहीं है।

कई व्यापारियों के फल भी खराब हो चुके हैं। मध्यमवर्गीय व गरीब परिवारों को फलों के दाम सुनकर ही झटका लग रहा है। वहीं दूसरी ओर त्योहारी सीजन होने की वजह से कई लोग फलों पर ही निर्भर रहते हैं। पिछले वर्ष के लॉकडाउन में फल-सब्जी बेचने की अनुमति थी, जिससे फलों की कीमत काफी कम थी।

वहीं इस बार सख्त लॉकडाउन (Strict lockdown) में कीमतें ज्यादा हंै। लॉकडाउन ने महंगाई को दोगुना कर दिया है। एक बार फिर महंगाई व कालाबाजारी (Black marketing) बढ़ गई है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार पर पड़ रहा है।

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मुनाफाखोरी भी हो रही है, लेकिन प्रशासन भी कोई लगाम नहीं लगा पा रहा है। पेट्रोल के दाम पहले से ही बढ़े हैं। गैस के सिलेंडर के दामों में भी पिछले कई माह से बेतहाशा बढ़ोतरी हुई हैं।


ठेले में घूम-घूम कर फल की बिक्री
नियम और शर्तों में कुछ छूट मिलने के बाद ठेले में घूम-घूम कर फल बेच रहे हैं। फल व्यवसायियों द्वारा लॉकडाउन (Lockdown) के कारण घरों व कालोनियों में जाकर फल का रेट (Fruit rate) बढ़ाकर बेचा जा रहा है। उनका कहना है कि थोक मंडी में ही हमें ऊंचे दाम में फल खरीदना पड़ रहा है।