
Rape and murder accused
बैकुंठपुर. ग्राम पंचायत चनवारीडांड़ स्थित मां महामाया मंदिर के पास एक ८ साल की बालिका की दुष्कर्म के बाद सिर को पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। उसका शव रविवार की शाम मंदिर के पास ही खेत में मिला था। इस जघन्य वारदात के आरोपी को पकडऩे क्राइम ब्रांच, फारंेसिक एक्सपर्ट, तीन थाना की टीम ने सोमवार की सुबह घटना स्थल का निरीक्षण किया।
इसी बीच मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने खडग़वां के एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने दुष्कर्म के बाद हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी ने मेले में मासूम को टॉफी का लालच दिया था। इसके बाद उसे झाडिय़ों में ले जाकर वारदात को अंजाम दिया था।
आरोपी के शरीर पर भी झाडिय़ों के खरोंच के निशान मिले। दरिंदगी का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि आरोपी ने सिर को पत्थर से कुचलने के बाद उसके गुप्तांग पर भी पत्थर मारा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक विवेक शुक्ला ने पुलिस लाइन प्रेस कांफ्रेंस हाल में सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि २५ मार्च को शाम करीब ४-५ बजे बच्ची का शव मिलने की सूचना मिली थी।
प्रथमदृष्टया दुष्कर्म कर हत्या करने की आशंका थी। मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल, सीएसपी कर्ण कुमार उके के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच, तीन थाना की अलग-अलग जांच टीम गठित की गई। इसमें खडग़वा, चिरिमिरी व पोंड़ी थाना सहित चौकी की टीम शामिल थीं। फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मौजूदगी में सुबह घटना स्थल का मुआयना कर सबूत जुटाया गया।
मामले में एक संदिग्ध आरोप को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ करने पर हत्या करना कबूल किया। उन्होंने कहा कि आरोपी ग्राम पंचायत खडग़वां गजमरवापारा निवासी सचिन केशरवानी उर्फ भोलू पिता महेंद्र कुमार केशरवानी (२०) ने अष्टमी-नवमी को चनवारीडांड़ में मेला लगा था।
इस दौरान आरोपी ने बच्ची को टॉफी का लालच दिया और बहला फुसलाकर झाड़ी में ले गया था। दुष्कर्म के बाद आरोपी ने बच्ची के सिर को पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी और गुप्तांग को भी नुकसान पहुंचाया था। मुखबिर की सूचना पर संदेह होने पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। आरोपी के शरीर में झाड़ी से खरोच लगने के निशान भी पाए गए थे।
टॉवेल में सिमट गया शव, जांच दल का दहला दिल
महामाया मंदिर के पास आठ साल की बच्ची का नग्न अवस्था में शव पड़ा मिला था और सिर पत्थर से कुचला गया था। मामले में प्रथमदृष्टया दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका जताई गई थी। जांच टीम ने बच्ची के शव को टॉवेल में ढंका और उसका पूरा शरीर उसमें समा गया। इससे मामले की जांच करने वाले जांच टीम के अधिकारियों का दिल दहल गया था।
एसपी ने बताया जघन्य अपराध
पुलिस अधीक्षक शुक्ला ने कहा कि मामले में अलग अलग टीम गठित कर जांच की गई थी और २४ घंटे के भीतर आरोपी को पकडऩे में सफलता मिली। प्रकरण में हर पहलू को अलग-अलग बिंदू बनाकर बारीकी से जांच की गई है। क्योंकि यह प्रकरण जघन्य अपराध है। आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के बाद बारीकी से जांच जारी है।
हजारों की भीड़ में आरोपी को पकडऩा थी चुनौती
पुलिस अधीक्षक शुक्ला ने कहा कि चैत्र नवरात्र की सप्तमी को मंदिर में भारी भीड़ लगी थी और मेला भी लगा था। जिसमें स्थानीय सहित बाहर के हजारों की संख्या में श्रद्धालुगण पहुंचे थे। चैत्र नवरात्र की सप्तमी को महामाया मंदिर में माता का दर्शन करने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगती है।
मंदिर के आसपास काफी रात तक चहल-पहल रहती है। ऐसे में पुलिस टीम को आरोपी को पकडऩे में चुनौती थी। मुखबिर की सूचना पर संदेही को पकडऩे में सफलता मिली। आरोपी ने शाम करीब 7-8 बजे के बीच बच्ची को बहला फुसलाकर ले गया था और वारदात को अंजाम दिया था।
जांच टीम में ये शामिल थे
मासूम बच्ची की हत्या करने वाले आरोपी को पकडऩे के लिए अलग-अलग टीम का गठन किया गया था। इसमें खडग़वा प्रभारी शशिकांत टंडन, चिरिमिरी प्रभारी विनीत दुबे, क्राइम ब्रांच प्रभारी शिवेंद्र राजपूत, निरीक्षक अंजना केरकेट्टा, निरीक्षक डीआर टंडन, उप निरीक्षक आरएन पटेल, उप निरीक्षक ममता केरकेट्टा, बीके सिंह, धनंजय सिंह, जगदेव कुशवाहा, आशीष मिश्रा, तालिब शेख, रुकमणी बंजारे, हेमलाल सिंह, दीपक पाण्डेय, मुमताज खान, चंद्रसेन ठाकुर सहित अन्य सदस्य शामिल थे।
Published on:
26 Mar 2018 07:42 pm
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