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पटवारी सुसाइड केस : महिला एसआई, पटवारी व भूमि खरीदार पर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर

मृत पटवारी के पुत्र के आवेदन व सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ की कार्रवाई, 6 लाख रुपए वसूलने का था आरोप
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सुरजपुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 26 Mar 2018, 3:50 PM IST

Patwari body

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सूरजपुर. ग्राम जमड़ी निवासी पटवारी रामनारायण दुबे ने झिलमिली थाने में पदस्थ महिला एसआई, दनौली हल्का पटवारी चंचल शर्मा व भूमि के्रता नीरज अग्रवाल की प्रताडऩा से तंग आकर 20 मार्च को जहर सेवन कर लिया था। गंभीर स्थिति में उसका इलाज अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था।

इलाज के दौरान 25 मार्च की रात पटवारी ने दम तोड़ दिया। इस मामले में सोमवार को मृतक के परिजनों व क्षेत्रवासियों ने थाने के सामने शव रखकर करीब 2 घंटे तक प्रदर्शन किया। इस बीच मृतक के पुत्र जितेश दुबे के आवेदन व सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने महिला एसआई, पटवारी व भूमि खरीदार के खिलाफ धारा 306, 34 के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है।


ये लिखा था सुसाइड नोट में
पटवारी की जेब से एक सुसाइड नोट मिला था। इसमें उन्होंने लिखा था कि मेरी मौत का कारण तीन लोग झिलमिली थाने की प्रभारी भारद्वाज मैडम, पटवारी चंचल शर्मा व नीरज अग्रवाल हैं। मेरे 6 लाख रुपए भारद्वाज मैडम ने लिए हैं और मुझे झूठे प्रकरण में फंसा रहीं हैं। पटवारी ने घरवालों को संबोधित करते हुए लिखा है कि शादी मत रोकना, नहीं तो मुझे पाप पड़ेगा, मुझे माफ कर देना, मैं साथ नहीं निभा पाया।


ये था मामला
सूरजपुर जिले के झिलमिली भैयाथान थानांतर्गत ग्राम जमड़ी निवासी रामनारायण दुबे भैयाथान व बैजनाथपुर हल्का में पटवारी के पद पर पदस्थ थे। पटवारी ने 20 मार्च की रात घर में जहर का सेवन कर लिया। स्थानीय डॉक्टरों द्वारा रेफर किए जाने के बाद उनका इलाज अंबिकापुर के जीवन ज्योति अस्पताल में काफी गंभीर स्थिति में चल रहा था।

इसी दौरान रविवार की रात करीब 10 बजे उनकी मौत हो गई। सोमवार को सुबह पटवारी का शव लेकर परिजन झिलमिली थाना पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजनों का कहना था कि महिला एसआई द्वारा भूमि संबंधी मामले को दबाने 6 लाख रुपए रिश्वत की मांग की गई थी।

4 लाख देने के बाद भी 2 लाख के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इस मामले में पटवारी चंचल शर्मा व नीरज अग्रवाल भी शामिल हैं। उन्होंने पुलिस व प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। परिजनों सहित सैकड़ों लोगों ने करीब 2 घंटे तक थाने के सामने प्रदर्शन किया था।


एसपी ने कर दिया था लाइन अटैच
24 मार्च को एसपी डीआर आंचला ने झिलमिली थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज का उक्त प्रकरण में नाम सामने आने के बाद जांच पूरी होने तक लाइन अटैच कर दिया था। वहीं मामले की जांच एसडीओपी द्वारा की जा रही थी। जांच के बाद तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।