
Car burnt after accident on the spot
बैकुंठपुर. Huminity Shame: आज के जमाने में कई लोगों की मानवता मर चुकी है, तभी तो संकट में फंसे लोगों की मदद करने की बजाय लोग आंख बंद कर निकल जाते हैं। ऐसा ही एक मामला एमसीबी जिले से कार हादसे के बाद सामने आया है। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम बेलबहरा के पास एनएच-43 पर सोमवार की रात एक हाइस्पीड कार अनियंत्रित होकर पेड़ से भिड़ गई थी। हादसे (Car accident) में एक युवक ने मौके पर ही जबकि 2 युवकों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। वहीं 3 का इलाज जारी है। हादसे के बाद कार में फंसे 6 युवक गंभीर चोट लगने के बाद बेहोश थे, लेकिन कोई उनकी मदद को आगे नहीं आ रहा था। सब वीडियो बनाकर चले जा रहे थे। इसी बीच वहां से गुजर रहे 2 युवकों ने साहस का परिचय देते हुए 6 घायलों को बाहर निकाला। बाहर निकालने के चंद मिनट बाद कार में ब्लास्टिंग हुई और वह धूं-धूं कर जलने लगी। कुछ ही देर में कार जलकर पूरी तरह खाक हो गई।
गौरतलब है कि सूरजपुर जिले से 6 युवक कार में सवार होकर कोतमा जाने निकले थे। इस बीच एनएच-४३ पर ग्राम बेलबहरा के पास रात करीब 11 बजे कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई। हादसे के बाद कार से धुआं निकलने लगा और आगे के हिस्से में आग लग गई।
कार में सूरजपुर जिले के ग्राम महगवां निवासी संदीप राजवाड़े पिता भोला, गोपी महंत खडग़वां कोरिया, अशोक पिता धर्मनगरी सूरजपुर, ख्वाजा पिता लल्ला मझगवां सूरजपुर, पप्पू राजवाड़े पिता मोती बैजनाथपुर सूरजपुर बेहोश पड़े थे। इसी बीच मरवाही से लौटते समय पटना के 2 युवक अरविंद सिंह, अखिलेश गुप्ता की दुर्घटनाग्रस्त कार पर नजर पड़ी।
पास जाकर देखा तो कार में छह लोग सवार थे और आगे बैठे लोग बुरी तरह से कार के अन्दर फंसे थे। हिम्मत जुटाकर जैसे-तैसे सीट तोडक़र 6 घायलों को कार से बाहर निकाला। फिर देखते ही देखते चंद मिनट में कार में बड़ा धमाका हुआ और कार धूं-धूं कर पूरी जल गई। कुछ देर होने पर कार में सवार 6 लोग जिंदा जल सकते थे।
इसके बाद घायलों को सीएचसी मनेंद्रगढ़ भिजवाया गया। यहां डॉक्टरों ने पप्पू व ख्वाजा को मृत घोषित कर दिया, जबकि 2 को अशोक व गोपी महंत को मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर कर दिया गया। यहां इलाज के दौरान मंगलवार की सुबह गोपी महंत ने भी दम तोड़ दिया।
हादसा, अखिलेश व अरविंद की जुबानी
पटना निवासी अखिलेश गुप्ता और अरविंद ने अपनी जान जोखिम में डालकर बहादुरी के साथ कार में सवार 6 युवक को बाहर निकाला। उन्होंने बताया कि कार में सवार सभी घायल अवस्था और पीछे कई लोग सवार थे। पहले समझ नहीं आ रहा था कि कैसे लोगों को बचाएं। कार में आग लग चुकी थी कोई राहगीर मदद करने को तैयार नहीं था।
फिर हमने हिम्मत जुटाई और पीछे का दरवाजा खोले पहले 4 युवक को बाहर निकाला। फिर आगे में जो लोग फंसे थे, उनको अकेले निकालना मुश्किल था। कोई हाथ बटाने को तैयार नहीं था। लोग फोटो व वीडियो बना कर जा रहे थे। कार की आग बढऩे लगी थी। मेरी हिम्मत जवाब दे रही थी। तभी कार में एक छोटा धमाका हुआ,
जिससे मैं और डर गया और फंसे 2 को भी निकलना था। पता नहीं ऊपर वाले ने कहां से शक्ति दी। फिर मैंने आगे की शीट में बैठे युवक को कार की शीट को तोड़ कर बाहर निकाला। वहीं ड्राइवर कार में फंसा हुआ था। हमें लगा कि दम तोड़ दिया है। पर जैसे ही उसको निकालने का प्रयास करने वाले थे। तभी उसके जिन्दा होने का अहसास हुआ। उसके बाद पीछे बैठ कर शीट को तोड़ा और उसे बाहर निकाला गया। कार के सामने बहुत आग लग चुकी थी।
कई जगह फोन लगाया, थक हारकर फेसबुक लाइव से मदद मांगी
प्रत्यक्षदर्शी अखिलेश ने बताया कि लेकिन अपनी जान की परवाह नहीं कर 6 को जिन्दा जलने से बचाया। इस बात की बहुत खुशी थी, तभी कुछ देर बाद ड्राइवर की मौत हो गई। इसके बाद उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा था।
मदद के लिए जिन्हें भी फोन लगाया, वे नहीं उठा रहे थे। इसके बाद ध्यान आया कि फेसबुक लाइव में कोई तो मदद करेगा। फेसबुक लाइव वीडियो देख अनिल जायसवाल ने मुझे कॉल किया, फिर मदद मिली, मुझसे पल पल की जानकारी ली जा रही थी।
Published on:
13 Dec 2022 06:40 pm
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