
Panchayat secretary suicide note
बैकुंठपुर/जनकपुर. Panchayat Secretary Suicide Case: कोरिया जिले के भरतपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत नेरुआ के सचिव ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उसने सुसाइड नोट (Suicide note) लिख छोड़ा है। इसमें जनपद पंचायत के 2 बड़े अफसर व ब्लॉक कांग्रेस पदाधिकारी का नाम लिखा है। उसने लिखा है कि ये तीनों ही मेरी आत्महत्या के जिम्मेदार हैं। इस मामले में मेरे बाल-बच्चों को कोई दोष नहीं है, कृपया उन्हें परेशान न करें। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव मिलने के एक दिन बाद बुधवार को पीएम कराकर बॉडी परिजन को सौंप दी। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर विवेचना शुरु कर दी है। इधर आप पार्टी (AAP Party) ने मृत सचिव की पत्नी को नौकरी व 50 लाख रुपए तथा तीनों दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
ग्राम 'च्यूल निवासी छत्रपाल सिंह ग्राम पंचायत नेरुआ में सचिव के पद पर कार्यरत था। मंगलवार की सुबह उसने सुसाइड नोट लिखा और फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामले में बुधवार को शव का पीएम कराने के बाद परिवार को सौंपा गया है।
परिवार व ग्रामीणों के बीच चर्चा है कि विगत माह किसी कारणवश सचिव छत्रपाल सिंह से ग्राम पंचायत नेरुआ का अतिरिक्त प्रभार छीनकर दूसरे सचिव को सौंप दिया गया था। इससे मृतक सचिव छत्रपाल सिंह डिप्रेशन में चला गया था। इसी डिप्रेशन में सोमवार देर शाम अपने घर से बाहर निकला और दूसरे दिन सुबह गांव में अपने घर से कुछ दूरी पर एक पेड़ पर गमछा से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पीएम के लिए भेज दिया। मामले में ग्रामीणों के विरोध के कारण घटना तिथि को शव का पीएम नहीं हुआ। घटना के अगले दिन बुधवार को पीएम कराकर परिवार को सौंपा गया है। वहीं सुसाइडल नोट्स में तारीख 6 फरवरी लिखा हुआ है। मामले में पुलिस मर्ग कायम कर विवेचना में जुटी है।
सुसाइड नोट में ये लिखा
मृतक पंचायत सचिव सिंह के पास से एक सुसाइड नोट्स (Suicide note) मिला है, जिसमें तारीख 6 फरवरी अंकित है। इसमें लिखा गया है कि जनपद पंचायत सीईओ, पंचायत इस्पेक्टर तथा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ने एक सचिव से 50 हजार रुपए लेकर मुझे ग्राम नेरुआ के अतिरिक्त प्रभार से हटा दिया है। ये तीनों ही मेरी मौत का कारण हैं। उसने लिखा कि मेरी मौत के लिए मेरे बाल-बच्चों को परेशान न करें, इसमें उनका कोई दोष नहीं है।
50 लाख मुआवजा व पत्नी को सरकारी नौकरी की मांग
इधर आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष सुखवंती सिंह घटना तिथि की शाम से मृतक के परिजन के साथ हैं। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि पीडि़त घर के एक सदस्य को नौकरी, 50 लाख का मुआवजा दिया जाए। वहीं सुसाइड नोट में जिनका नाम है, उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही और मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।
क्योंकि सत्ताधारी पार्टी के एक बड़े नेता का नाम सुसाइड नोट (Suicide Note) है। उससे कार्यवाही में संदेह है। इधर सुसाइड नोट सोशल मीडिया में वायरल होने लगा है।
मामले की कर रहे हैं जांच
घटना के बाद ही मर्ग कायम कर जांच कर रहे हैं। आज शव का पीएम होने के बाद परिवार को सौंप दिया गया है।
जेआर बंजारे, थाना प्रभारी कोटाडोल
Published on:
23 Feb 2022 05:55 pm
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