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हत्या के सहआरोपी बंदी की मौत, भाई बोला- पेशी में आया था तो चल रहा था लंगड़ाकर

मनेंद्रगढ़ उपजेल में वर्ष 2015 से विचाराधीन बंदी था मृतक, सुबह कराया गया था अस्पताल में भर्ती और दोपहर में हो गई मौत

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Prisoner death

Prisoner death

मनेंद्रगढ़. 35 वर्षीय एक युवक वर्ष 2015 से हत्या के एक मामले में मनेंद्रगढ़ उपजेल में विचाराधीन बंदी के रूप में बंद था। गुरुवार की सुबह उपजेल में उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। प्रबंधन द्वारा उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

यहां इलाज के दौरान दोपहर में उसकी मौत हो गई। इधर बंदी के भाई का कहना है कि मंगलवार को जब भाई पेशी में आया था तो लंगड़ाकर चल रहा था। वह दूसरे के सहारे चल रहा था। उसका कहना है कि उसे तथा उसके घरवालों को पता नहीं है कि भाई को क्या हुआ था।


कोरिया जिले के मनेंद्रगढ़ स्थित ग्राम पतौरी निवासी कमला प्रसाद 35 वर्ष मनेंद्रगढ़ उपजेल में विचाराधीन बंदी के रूप में बंद था। उस पर वर्ष 2015 में एक ग्रामीण की हत्या के सहआरोपी होने का आरोप था।

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बताया जा रहा है कि ग्रामीण से विवाद के दौरान उसकी हत्या कर दी गई थी। हत्या के अन्य 4 आरोपियों में इसका भी नाम था। गुरुवार की सुबह उसकी अचानक तबीयत बिगडऩे पर उपजेल प्रबंधन द्वारा उसे मनेंद्रगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।

इसी बीच दोपहर 2.50 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद उपजेल प्रबंधन द्वारा उसके परिजनों को मामले की सूचना दी गई। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम किया है।


भाई का ये कहना
इस संबंध में मृतक के भाई का कहना है कि मंगलवार को जब उसका बंदी भाई न्यायालय में पेशी में आया था तो वह लंगड़ाकर चल रहा था। उसके पैर में परेशानी हो रही थी। वह खुद से न चलकर दूसरे के सहारे पैदल चल रहा था। उसका कहना है कि उसे तथा उसके घरवालों को पता नहीं है कि भाई को क्या हुआ था।