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टीचर्स पेड़ के नीचे बैठकर लड़ा रहे थे गप, इधर छात्रा के मुंह में रुमाल ठूंसकर छात्रों ने किया ये हाल

छात्रा को अस्पताल में कराया दाखिल, गुस्साए परिजन व लोगों ने विरोध में स्कूल में जड़ा ताला, शिक्षक-शिक्षिका को स्थानांतरित करने की गुहार

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Locked school

Locked in school

बैकुंठपुर/सावांरावां. प्राइमरी स्कूल गिरजापुर के शिक्षक-शिक्षिका आराम से पेड़ के नीचे बैठकर गप लड़ा रहे थे। इधर कक्षा में कुछ छात्रों ने एक छात्रा के मुंह में रुमाल बांधकर सीने पर चढ़ गए और गला दबा दिया। इससे छात्रा बेहोश हो गई। सूचना पर तत्काल स्कूल प्रबंधन द्वारा छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इधर घटना की सूचना जैसे ही पालकों व ग्रामीणों को लगी, वे स्कूल पहुंच गए। उन्होंने स्कूल में ताला जड़कर विरोध में जमकर नारेबाजी की। साथ ही उन्होंने शिक्षक-शिक्षिका को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है।


कोरिया जिले के ग्राम पंचायत गिरजापुर निवासी प्रेमशंकर की पुत्री प्राथमिक शाला गिरजापुर में कक्षा चौथी में अध्ययनरत है। मंगलवार दोपहर करीब २ बजे शिक्षक-शिक्षिका पढ़ाने के बजाय बाहर पेड़ के नीचे बैठकर गप मार रहे थे। इस दौरान कक्षा में पढऩे वाले बच्चे आपस में झगडऩे लगे।

कुछ छात्र कक्षा मे ही छात्रा के मुंह में रुमाल बांधकर सीने में चढ़ गए और गला दबा दिया था। इससे बच्ची कक्षा में ही बेहोश हो गई थी। अन्य बच्चों के हो हल्ला करने के बाद शिक्षक-शिक्षिका कक्षा में पहुंचे और आनन-फानन में उपस्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। लेकिन चिकित्सा अधिकारी ने तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य पटना रेफर कर दिया।

अस्पताल में बच्ची का उपचार करने के बाद होश आया और परिजन को सूचना दी गई थी। इसके विरोध में ग्राम पंचायत सरपंच अनिता सिंह, भूतपूर्व सरंपच सहित बड़ी संख्या में सुबह ग्रामीण पहुंचे और विरोध प्रदर्शन कर स्कूल में ताला जड़ दिया।

स्कूल में ताला जडऩे की सूचना के बाद आनन-फानन में जिला स्तर से सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी देवेश जायसवाल, पटना थाना प्रभारी आनंद सोनी सहित अन्य अधिकारी पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं प्राइमरी-मिडिल स्कूल की परीक्षाएं होने के बाद अन्यत्र स्थानांतरित करने के आश्वासन पर विरोध प्रदर्शन बंद किया गया।


स्थानांरण नहीं होने पर बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का निर्णय
ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक-शिक्षिका हमेश स्कूल के बाहर इमली पेड़ के नीचे खाली बैठे रहते हैं। जिससे बच्चों को भविष्य खराब होने की चिंता सताने लगी है। घटना के बाद पालक व ग्रामीण अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं। स्कूल के शिक्षक-शिक्षिका का अन्यत्र स्थानांतरित नहीं होने तक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजने का निर्णय लिया है और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई गई है।


पंचायत ने कई बार शिक्षकों को समझाइश दी
ग्राम पंचायत व ग्रामीणों की हस्ताक्षरयुक्त कलेक्टर को भेजी शिकायत पत्र में लिखा गया है कि स्कूल में बच्चों को बेहतर पढ़ाने व किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने को लेकर कई बार समझाइश दी जा चुकी है। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम में ध्यानाकर्षण कराया गया है।

बावजूद स्कूल के शिक्षक व शिक्षिका ने अपनी आदत में बदलाव नहीं किया और स्कूल में पढ़ाने के बजाय बाहर गप मारते रहते हैं। ग्रामीणों ने स्कूल के लापरवाह शिक्षक-शिक्षिका को अन्यत्र स्थानांतरित करने की गुहार लगाई है।