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नींव खुदाई करते समय जमीन से निकलने लगीं वर्षों पुरानी खंडित मूर्तियां, घर निर्माण छोड़ कराईं गईं स्थापित

Old sculptures: ग्रामीण द्वारा भवन निर्माण (Home construction) रोककर उसी स्थल पर मूर्तियां (Statue) स्थापित कराई, घटना के 4 महीने बाद भी पुरातत्व विभाग (Archeology department) नहीं करने पहुंचा जांच

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नींव खुदाई करते समय जमीन से निकलने लगीं वर्षों पुरानी खंडित मूर्तियां, घर निर्माण छोड़ कराईं गईं स्थापित

Broken sculptures

बैकुंठपुर. जनकपुर विकासखंड के ग्राम उचेहरा में घर की नींव की खुदाई करते समय भगवान बुद्ध (Lord Buddha) की खंडित मूर्तियां मिली हंै। मुर्तियों को ग्रामीण ने उसी स्थल पर सहेजकर रख दिया।

हैरान (Shocking) करने ेवाली बात यह है कि घटना के 4 महीने बाद भी पुरातत्व विभाग जांच करने नहीं पहुंच पाया है। वहीं स्थानीय प्रशासन को भी इसकी जानकारी है।


कोरिया जिले के विकासखंड भरतपुर अंतर्गत ग्राम उचेहरा निवासी नंदलाल बैगा 4 महीने पहले घर बनाने नींव खुदाई करा रहा था। उसी समय बड़ी संख्या में खंडित मूर्तियां (Statues) निकलने लगी। कुछ गहरी तक खुदाई करने के बाद पत्थर का बना पैर जैसा कुछ मिट्टी के नीचे दबा मिला था।

जिसे पानी से धोने पर पत्थरों से बनी प्राचीन मूर्तियां होने का अनुमान लगाया गया है। मूर्तियां सैकड़ों वर्ष पुरानी भगवान बुद्ध की बताई जा रही है। खंडित मूर्ति (Broken sculptures) पाए जाने से आसपास के देखने पहुंचने लगे थे।

नंदलाल ने नीचे तक खुदाई कर एक-एक मूर्तियां निकाली। खुदाई (Digging) के बाद बुद्ध भगवान का पूरा चेहरा मिला। इसके बाद खंडित मूर्तियों के टुकड़ों को वहीं पर स्थापित कर दिया है। अधिकांश मूर्ति भगवान बुद्ध की हैं।


गांव में रहे होंगे भगवान बुद्ध के अनुयायी
ग्रामीणों का कहना है कि किसी जमाने में उचेहरा में भगवान बुद्ध के अनुयायी रहे होंगे। स्थानीय प्रशासन को खंडित मूर्तियां मिलने की सूचना दी गई है।

पुरातत्व विभाग (Archeology department) की टीम जांच कर करेगी, फिर पता चल पाएगा कि मूर्तियां कितने वर्ष पुरानी हैं। वहीं नंदलाल बैगा का कहना है कि उस जगह पर काफी संख्या में मूर्तियां निकली हंै। इसलिए उस जगह की खुदाई बंद कर दी गई है।