
Poha machine
बैकुंठपुर/चिरमिरी. जिला खनिज न्यास की 28.785 लाख में भारी बंदरबांट कर पूरी राशि डकार ली और पोहा मिल-ऑटा चक्की मशीन को खुले आसमान के नीचे इंस्टाल कर कबाड़ कर दिया गया। इससे पिछले 3 साल से पोहा मिल और ऑटो चक्की से एक ग्राम पोहा-ऑटा तक नहीं निकाला जा सका है।
महिला बाल एवं बाल विकास विभाग की इस परियोजना में सरगुजिया कहावत 'आधा तोर-आधा मोर' का गणित लगाने और सरकारी राशि डकारने की भारी चर्चा है। वहीं जिला पंचायत ने दोबारा 1000 स्व सहायता समूह के बैंक खाते में 304.35 लाख जमा करा दिया है।
जिला खनिज न्यास से वर्ष 2015-16 में महिला स्व सहायता समूह को स्वरोजगार मुहैय्या कराने 28.785 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति दी थी। मामले में एवं बाल विकास को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त कर मशीन खरीदी व इंस्टाल करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इस दौरान क्रियान्वयन एजेंसी के अधिकारी व स्व-सहायता समूह की साठगांठ व कमीशन के चक्कर में घटिया मशीनरी की खरीदी कर पूरी राशि डकार ली गई।
इससे खराब मशीनरी को 3 साल पहले दिखाने के लिए खुले आसमान के नीचे इंस्टाल कर दिया गया, जिससे बारिश में भीगने के कारण मशीनरी कबाड़ हो चुकी है। वर्तमान में पोहा-ऑटा मिल से एक ग्राम पोहा-आटा तक नहीं निकाला जा सका है। जबकि सप्लायर को मशीनरी की पूरी कीमत मिल चुकी है। स्वरोजगार स्थापित करने की योजना में स्व सहायता समूह और अधिकारी ने मिलकर फिफ्टी-फिफ्टी का गणित लगाया है।
तीन महीने से बेकार पड़ी थीं मशीनें
आस्था स्व-सहायता समूह डोमनहिल चिरमिरी को मशीनरी आवंटित की गई थी लेकिन तीन महीने तक उपकरण को स्थापित करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई और एक बंद कमरे में छोड़ दिया गया था। मामले में दोबारा आवेदन करने पर जिला प्रशासन द्वारा रेहाना स्वयं-सहायता समूह बड़ीबाजार चिरमिरी को इस कार्य की जिम्मेदारी सौंप दी। इससे आस्था स्व-सहायता समूह के बताए निवास से लेकर कार्य को पूरा करने की जिम्मेदारी ली थी। लेकिन रेहाना स्वम सहायता समूह बड़ीबाजार चिरमिरी और महिला एवं बाल विकास विभाग से सांठगांठ कर खुले आसमान के नीचे इंस्टाल कराकर मशीनरी को लावारिस छोड़ दिया है। वर्तमान में बड़ीबाजार खटीक पट्रोल पम्प के सामने पुराने मधुबन होटल परिसर वार्ड क्रमांक 30 में मशीन इंस्टाल कर पोहा-ऑटी मिल संचालित करने का दावा किया गया है।
1498 समूह को दोबारा 4.35 लाख ऋण राशि बांटा
जिला पंचायत ने कोरिया के ३ हजार 5 स्व-सहायता समूह को ऋण देने का बीड़ा उठाया है। वर्ष 2016-17 में 1000 समूह को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए दोबारा 304.35 लाख ऋण दिया जा चुका है। बावजूद एक भी महिला समूह स्वरोजगार स्थापित नहीं कर सकी है। वहीं सिर्फ 237 समूह को बैंक लिंकेज कराकर मॉनीटरिंग करने का दावा किया गया है।
जिला पंचायत का कहना है कि शेष स्व-सहायता समूह को नए सत्र में ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। कुल 30005 समूह का पंजीयन कर चिह्नित किया गया है, जिनको स्वरोजगार करने आर्थिक सहायता राशि दी जाएगी।
शहरी आजीविका मिशन से 1 करोड़ 87 लाख बांटने का दावा
जानकारी के अनुसार दीनदयाल अंत्योदय राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत बैकुंठपुर नगरीय निकाय में व्यक्तिगत ऋण, समूह ऋण व बैंक लिंकेज के माध्यम से वित्तीय सहायता देकर स्वरोजगार मुहैय्या कराने का दावा किया गया है। वित्तीय वर्ष 2017-18 में व्यक्तिगत ऋण के 194 प्रकरण में 88.54 लाख, समूह ऋण के 7 प्रकरण में 16.19 लाख, बैंक लिंकेज ऋण के 25 प्रकरण में 19.68 लाख राशि ऋण के माध्यम से स्वरोजगार मुहैय्या कराने की बात कही गई है।
वहीं 43 महिला को व्यक्तिगत ऋण, 25 स्वयं सहायता समूह का बैंक लिंकेज किया गया है। इसमें 7 समूह को 63.03 लाख ऋण दिया गया है।
इतने समूह को मिली थी सहायता राशि
रेहाना महिला समूह चिरमिरी
आस्था स्व सहायता समूह चिरमिरी
लक्ष्मी बचत समूह आमगांव
श्री हरि स्व सहायता समूह मनेंद्रगढ़
इतनी राशि बैंक खाते में जमा
1. 657 समूह आरएफ श्रेणी (चक्रीय निधि) 98.55 लाख
2. 187 समूह सीआइएफ श्रेणी (सामुदायिक चक्रीय निधि) 2 करोड़ 5 लाख 8 हजार
3005 समूहों का हो चुका है पंजीयन
कोरिया में 3005 स्व सहायता का पंजीयन हो चुका है, जिसमें 5 पुराने समूह सक्रिय, 963 नया समूह सहित कुल 1498 सक्रिय हो चुके हैं। वर्ष 2016-17 में समूहों को 304.35 लाख रुपए से अधिक आर्थिक सहायता के रूप में दी गई है।
एमएल मण्डावी, परियोजना अधिकारी व प्रभारी स्व-सहायता समूह कोरिया
Published on:
31 May 2018 04:30 pm
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