
कोटा. कोयला संकट के कारण कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन की दो यूनिटों में मंगलवार रात को उत्पादन बंद हो ही गया।
कोटा . जैसी आशंका राजस्थान पत्रिका ने बराबर जताई, कोयला संकट के कारण कोटा सुपर थर्मल पावर स्टेशन की दो यूनिटों में मंगलवार रात को आखिर उत्पादन बंद हो ही गया।
कोयले की आपूर्ति कम होने से सुपर क्रिटिकल स्थिति में चल रहे थर्मल में 110 मेगावाट क्षमता की एक व दो नंबर यूनिट को 'ब्रेकिंग डाउन' के नाम पर बंद किया गया है। इसी साल जून में भी कोयले की कमी से यूनिट्स बंद की गई थी।
970 मेगावाट हो रहा उत्पादन
थर्मल में सभी 7 इकाइयों में 1240 मेगावाट उत्पादन होता है, लेकिन दो यूनिट बंद हो गई। अन्य पांच यूनिट्स में भी क्षमता से 20 फीसदी कम उत्पादन हो रहा है। ऐसे में 970 मेगावाट ही बिजली उत्पादन रह गया है।
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चार रैक पहुंची, लेकिन कम
थर्मल में कोयले का स्टॉक मंगलवार रात को करीब 11 हजार टन था, इसमें चार रैक बुधवार को पहुंची। इसमें 15 हजार टन कोयल पहुंचा था। दो यूनिट्स बंद होने से कोयले की खपत अब 12 हजार टन रोज हो गई है। चालू यूनिट व उनकी क्षमता के अनुसार भी कोयला मात्र दो दिन का ही शेष है।
चालू करने में खर्च होंगे 50 लाख
थर्मल के इंजीनियरों के मुताबिक एक इकाई के बंद होने के बाद इसे चालू करने में करीब 25 लाख रुपए खर्च होते हैं। ऐसे में अब इन इकाइयों को चालू करने में ही 50 लाख रुपए खर्च होंगे।
कोटा थर्मल मुख्य अभियंता एच.बी. गुप्ता का कहना है कि दो यूनिट बंद की गई हैं। बुधवार तक दो दिन तक का ही कोयला बचा है। पांच यूनिट्स में उत्पादन चालू है। उन्हें क्षमता से 20 फीसदी पर चला रहे हैं।
Published on:
14 Sept 2017 10:16 am
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