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जिले के 44 गांवों को बनाया जाना था स्मार्ट विलेज, एक भी नहीं बन पाया

- सरकार की तीन हजार से अधिक जनसंख्या वाले गांवों को स्मार्ट बनाने की योजना थी - ई-पुस्तकालय व नॉलेज सेंटर भी नहीं खुल पाया
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कोटा

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Deepak Sharma

Oct 31, 2018

kota news

cartoon villages in the district kota

कोटा. राज्य सरकार ने तीन हजार से अधिक जनसंख्या वाले गांवों को स्मार्ट विलेज बनाने की योजना बनाई थी। कोटा जिले में 44 गांवों को स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करना था। जिला परिषद ने इनका चिह्नीकरण कर पूरा प्लान बनाया था। दो साल बीत जाने के बावजूद चयनित गांवों में कोई बड़ा कार्य नहीं हो सका। जबकि सरकार ने इन गांवों में सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया कराए जाने के दावे किए थे।

कुछ ही हुए काम
इन चिह्नित गांवों में ग्रामीण गौरव पथ, अटल सेवा केन्द्र समेत गांव के दो मुख्य स्थानों पर वाई-फाई की सुविधा, मनरेगा योजना के तहत फूलदार, फलदार पौधारोपण, कैटल शेड का निर्माण। अन्न भण्डार गृह जैसे कुछ ही काम हुए हैं।

- ये किए गए थे दावे

- ग्रामीण गौरव पथ व मुख्य मार्ग में रोड लाइट लगवाना, इसमें एलईडी या सोलर लाइट की व्यवस्था।

- प्रत्येक स्मार्ट गांव में दो लाख की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण।

- सार्वजनिक पार्क, खेल मैदान के साथ ओपन जिम बनवाना।

- गांव में स्वच्छता, सफाईकर्मी, कचरा परिवहन के लिए टै्रक्टर-ट्रॉली, रिक्शे।

- अटल सेवा केन्द्र समेत गांव के दो मुख्य स्थानों पर वाई-फाई की सुविधा मुहैया कराना।

- मनरेगा योजना के तहत फूलदार, फलदार पौधारोपण, केटल शेड, वर्मी कम्पोस्ट पिट का निर्माण।

- ई-पुस्तकालय, नॉलेज सेंटर की सुविधा देना।

- चिहिन्त गांव में सीनियर विद्यालय, प्राथमिक या उपस्वास्थ्य केन्द्र की सुविधा।

- पशु चिकित्सा केन्द्र व दुग्ध उत्पादन समितियों का गठन।

- अन्न भण्डार गृह, आदर्श तालाब या नदी किनारे स्नानघर की सुविधा।

- ये गांव हैं शामिल

- इटावा पंचायत समिति- खातौली, अयाना, पीपल्दा खेतान, गेंता, तालाब, लुहावद, करवाड़

सुल्तानपुर पंचायत समिति- सुल्तानपुर, बड़ौद, दीगोद, नौताड़ा, सीमल्या, बूढ़ादीत, मंडावरा, कोटड़ादीपसिंह, गड़ेपान, मोरपा।

लाडपुरा पंचायत समिति- मंडाना, कसार, भीमपुरा, अलनिया, बोरदा, किशनपुरा तकिया, अरण्डखेड़ा।

खैराबाद पंचायत समिति- जुल्मी, सरावदा, कुदायला, कुंभकोट, चेचट, मोड़क स्टेशन, मोड़क गांव, खैराबाद, सातलखेड़ी, सुद पंचायत समिति- कनवास, बपावरकलां, आवां, मोइकलां, मोरूकलां, धूलेट।

चिहिन्त गांवों को स्मार्ट विलेज के रूप में विकसित करने को लेकर कई कार्य कराए गए है। इसके साथ अन्य कार्यों को पूरा प्रयास करेंगे।

- बृजमोहन बैरवा, सीईओ, जिला परिषद, कोटा