5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

खेती से पहले ही अन्नदाता का छूट रहा पसीना, खा रहे धक्के और पुलिस की झिड़कियां

तीन बार कतार में लगने के बाद कुछ को दो और कुछ को एक कट्टा खाद नसीब हुआ। पुलिस निगरानी में पहले दो-दो, और बाद में एक कट्टा खाद के कूपन वितरित किए।
2 min read
Google source verification
kota

खेती से पहले ही अन्नदाता का छूट रहा पसीना, खा रहे धक्के और पुलिस की झिड़कियां

चेचट.

यूरिया खाद की किल्लत किसानों पर भारी पड़ रही है। कस्बे में गुरुवार को किसानों को तीन बार घंटों कतार में लगने के बाद कुछ को दो और कुछ को एक कट्टा खाद नसीब हुआ। अटल सेवा केन्द्र में पुलिस निगरानी में किसानों को लम्बी कतार में पहले दो-दो, और बाद में एक-एक कट्टा खाद के कूपन वितरित किए गए। कूपन प्राप्त किसानों को नायब तहसील परिसर में खड़े ट्रक से कट्टे बांटे गए।
खाद विक्रेता के यहां गुरुवार को एक ट्रक में 660 कट्टे यूरिया आया। भनक लगते ही सैंकड़ों किसान खाद लेने उमड़ पड़े। मांग के अनुरूप खाद की आपूर्ति न होने से डीलर ने दुकान पर किसानों की कतार लगाकर दो-दो कट्टे के कूपन वितरण करना शुरू कर दिया। इस दौरान किसानों के हंगामा करने तथा सड़क मार्ग पर किसानों की भीड़ एवं मोटरसाइकिलें जमा होने से जाम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने डीलर को पुलिस थाने के सामने अटल सेवा केन्द्र पर कूपन वितरण करने और खाद के कट्टे नायब तहसील परिसर में वितरण करने को कहा। इस पर अटल सेवा केन्द्र पर पुलिस निगरानी में किसानों को दो-दो कट्टे के कूपन वितरित किए गए। बाद में खाद कम बचने और किसानों की संख्या ज्यादा होने से एक-एक कट्टे के कूपन दिए गए। कूपन प्राप्त किसानों को नायब तहसील परिसर में खड़े ट्रक से कट्टे वितरित किए गए।

एक पखवाड़े में ढाई हजार कट्टे वितरित
कस्बे में एक पखवाड़े में चार ट्रक में आए ढाई हजार काटते यूरिया वितरण हो चुका है। लेकिन किसानों की मांग पूरी नहीं हो रही है। चेचट में क्षेत्र के अलावा कुण्डाल क्षेत्र के किसान भी खाद बीज की खरीददारी करते हैं।


यहांं बीज के लिए कतारों में धरती पुत्र

सांगोद. गेहूं के बीज की कमी किसानों पर भारी पड़ रही है। यहां क्रय-विक्रय सहकारी समिति में गुरुवार को भीड़ के चलते पुलिस सुरक्षा में बीज का वितरण किया गया। बीज अनुदान पर मिल रहा है। घंटों कतार में इंतजार के बाद किसानों को बीज नसीब हुआ। कई को निराश लौटना पड़ा। इन दिनों किसान गेहूं की बुवाई में जुटे हुए हैं। सरसों व अन्य फसल बुवाई तो पूरी हो गई लेकिन धान की फसल वाले किसान अब गेहूं की बुवाई कर रहे हैं। बाजार में कम दाम पर बीज नहीं मिल रहा। गांवों में समितियों में भी बीज का टोटा है। ऐसे में किसान खासे परेशान हैं। यहां की क्रय-विक्रय सहकारी समिति में किसानों को नई किस्म 'राज 4238 बीजÓ 18 रुपए प्रति किलो की दर से मिल रहा है। रोज की तरह गुरुवार को भी यहां सुबह से शाम तक किसान कतारों में लगे रहे।

भीड़ अधिक होने पर व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मी को लगाया गया। महिलाएं भी बीज के लिए घंटों तक कतारों में लगी रही। दोपहर बाद आने वाले अधिकांश किसानों को दो से तीन घंटे के इंतजार के बाद बीज नसीब हुआ। शाम को कई किसान तो बीज नहीं मिलने से निराश भी लौटे। मार्केटिंग सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष उस्मान मिर्जा ने बताया कि जो बीज मिल रहा है वो भी नाकाफी है। किसानों की मांग अधिक है लेकिन बीज नाममात्र का मिल रहा।