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Ambedkar Jayanti 2026: अंबेडकर जयंती पर मिलेगी बड़ी सौगात, 30 करोड़ की लागत से KDA करेगा हाईटेक संविधान पार्क का निर्माण

Good News: पार्क का कुल क्षेत्रफल 12,000 वर्ग मीटर होगा, जिसे भारतीय लोकतंत्र की यात्रा और संवैधानिक आदर्शों को मूर्त रूप देने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।

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कोटा

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Akshita Deora

Apr 13, 2026

Ambedkar Jayanti 2026

फाइल फोटो: पत्रिका

New High-Tech Constitution Park In Kota: संविधान की मूल भावना, उसकी ऐतिहासिक यात्रा और निर्माताओं के योगदान से आमजन को परिचित कराने के उद्देश्य से कोटा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर श्रीनाथपुरम में एक भव्य एवं ज्ञानवर्धक ‘संविधान पार्क’ का निर्माण किया जाएगा। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर कोटावासियों को इस पार्क की सौगात मिलेगी।

सोमवार शाम 5 बजे श्रीनाथपुरम स्थित महर्षि गौतम सर्कल के पास आयोजित कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य अतिथि के रूप में इस पार्क का शिलान्यास करेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा करेंगे।

इस अत्याधुनिक पार्क का निर्माण कोटा विकास प्राधिकरण की ओर से करीब 30 करोड़ रुपए की लागत से किया जाएगा। पार्क का कुल क्षेत्रफल 12,000 वर्ग मीटर होगा, जिसे भारतीय लोकतंत्र की यात्रा और संवैधानिक आदर्शों को मूर्त रूप देने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।

प्रवेश द्वार पर उकेरे जाएंगे संविधान के मूल मूल्य

पार्क के प्रवेश द्वार को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है, जहां संविधान की प्रस्तावना के तीन प्रमुख शब्द ‘न्याय, समानता और बंधुता’ उकेरे जाएंगे। यही मूल्य भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की नींव हैं और आगंतुकों को संविधान के सार से पहली ही नजर में जोड़ेंगे। पार्क में प्रवेश करते ही आगंतुक 20 फीट ऊंची एक ऐतिहासिक दीवार पर प्रदर्शित उन महत्वपूर्ण घटनाओं को देख सकेंगे, जिन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाई। इस दीवार पर स्वतंत्रता संग्राम से लेकर संविधान सभा की चर्चाओं, मसौदा समिति की बैठकों और अंतिम स्वरूप तक की पूरी प्रक्रिया को चित्रात्मक रूप में दर्शाया जाएगा।

‘संविधान कालरेखा पथ’ होगा मुख्य आकर्षण


पार्क में ‘संविधान कालरेखा पथ’ भी विकसित किया जाएगा, जिसमें वर्ष 1946 से 1950 तक की संवैधानिक यात्रा को विस्तार से प्रदर्शित किया जाएगा। यह मार्ग आगंतुकों को उस दौर की प्रमुख घटनाओं, निर्णयों और ऐतिहासिक दस्तावेजों से रूबरू कराएगा। पार्क में एक आधुनिक म्यूजियम भी बनाया जाएगा, जिसमें संविधान निर्माण में योगदान देने वाली महान विभूतियों की जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध होगी। आगंतुक क्यूआर कोड स्कैन कर संविधान सभा के सदस्यों, उनके योगदान, विचारों और संबंधित ऐतिहासिक दस्तावेजों को पढ़ और देख सकेंगे।

डॉ. भीमराव अंबेडकर की भव्य प्रतिमा होगी स्थापित


पार्क के केंद्र में संविधान के प्रमुख शिल्पकार डॉ. भीमराव अंबेडकर की गनमेटल से निर्मित भव्य पूर्णाकार प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह प्रतिमा संविधान की मूल भावना समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और समानता पहुंचाने का प्रतीक होगी। इसके अलावा पार्क में अशोक स्तंभ की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी, जो राष्ट्र की एकता, लोकतंत्र और न्याय के प्रतीक के रूप में खड़ी रहेगी।