
कोटा. 9 दिन के आथित्य के बाद आखिर वो घड़ी आ ही गई जब भगवान गणेश की महाविदाई में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार को सारा शहर मंगलमूर्तिमय हो गया। मौका था गणेशचतुर्थी से शहरभर में विराजे गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन का।
सुबह 11 बजे से ही सूरजपोल पर झांकियों का जुटना शुरू हो गया। झांकियों की पूजा 11.30 होनी थी लेकिन बारिश के चलते पूजन कार्यक्रम 12 बजे से शुरू हुआ। महाराज सनातनपुरी प्रेमनाथ महाराज, कमलनाथ, हरि नारायण, शैलेंद्र भार्गव सहित अन्य साधु-संतों के सानिध्य में पूजा-अर्चना के बाद करीब एक बजे शोभायात्रा रवाना हुई। व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त के बीच पूरे दिन और रात लाखों भक्तों की अनंत श्रद्धा शहरभर में हिलोरे मारती रही। सुबह से शुरू हुआ उत्साह शाम तक चरम पर ही रहा। श्रद्धालु गणपति को भाव विभोर विदाई देते रहे।
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अनन्त चतुर्दशी महोत्सव आयोजन समिति के तत्वावधान में मुख्य शोभायात्रा की शुरुआत सुबह साधु-संतों के सानिध्य में विधिवत पूजा-अर्चना व आरती के साथ की गई। इसके बाद दोपहर 12.30 बजे सूरजपोल दरवाजे से झांकियां रवाना हुई, जो सूरजपोल, मोखापाड़ा, कैथूनीपोल, गंधीजी की पुल, सब्जीमंडी, अग्रसेन बाजार, चौड़ा रास्ता, रामपुरा, आर्य समाज होते हुए किशोर सागर तालाब की पाल पर पहुंची। जहां गणपति बप्पा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया।
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शोभायात्रा के दौरान अटे रहे मार्ग
शोभायात्रा के दौरान जुलूस मार्ग श्रद्धालुओं से अटे रहे। शोभायात्रा के पहुंचने से पहले ही लोग इंतजार करते दिखे। छत, गलियां व सड़क किनारे लोगों का हुजूम भगवान की एक झलक पाने को उमड़ पड़ा। मार्ग में पैर रखने तक नहीं जगह नहीं मिली।
हैरतअंगेज करतबों ने किया रोमांचित
जुलूस के दौरान अखाड़ेबाजों ने हैरतअंगेज करतब दिखाकर सभी को आश्चर्य में डाल दिया।
जुलूस पर एक नजर
अनन्त चतुर्दशी महोत्सव के मौके पर शहरभर में निकाले जा रहे जुलूस में 145 झांकियां, 70 अखाड़े, 75 स्वागत द्वार 6 डांडिया व 10 भजन मंडलियां शामिल रही।
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नए कोटा में सुबह ही दी बप्पा को विदाई
नए कोटा में अलसुबह से जारी रिमझिम बारिश के चलते आयोजको ने गणपति बप्पा की विदाई सुबह 10बजे से पहले ही कर दी। जगह जगह चौराहों व गली मोहल्लों में विराजे गणपति की प्रतिमाओं को गाजे बाजे के साथ भक्तों ने अगले बरस तू जल्दी आ जयघोष के साथ भीतरिया कुंड में पूजा अर्चना के साथ विसर्जित किया।
आयोजको का कहना था की ऐसा यह पहला मौका है, जब अनंतचतुदर्शी पर बारिश आई है। सजे धजे पांडाल में विराजे गणपति की प्रतिमाओं को नए कोटा में देर शाम तक शोभायात्रा के साथ विसर्जन स्थल तक लाया जाता है। लेकिन इस बार बारिश के चलते प्रतिमाओं को सुबह ही विसर्जित कर दिया गया। दादाबाड़ी, बसंतविहार, महावीर नगर क्षेत्र में आयोजको ने सुबह 10 बजे तक मंगलमूर्ति की विदाई की।