
शहर के बीच पसरे हैं 'मौत के गड्ढ़ेÓ
कोटा. शहर के बाहर तो छोडि़ए, भीतर तक मौत को न्योता देते सैकड़ों गड्ढे दिखाई पड़ जाएंगे। सबसे ज्यादा खराब हालात क्रेशर बस्ती और बरड़ा बस्ती के आस-पास के इलाकों की है। जहां अवैध खनन होने के बाद 10 से 20 फीट गहरे गड्ढे हो चुके हैं। इनमें पानी भरने के कारण अब वो कभी भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। गुरुवार शाम क्रेशर बस्ती के पास अवैध खदान में डूबने से तीन किशोर डूब गए थे। अवैध खनन पर सरकारी अमला लगाम नहीं लगा सका। पत्थर के लालच में खननकर्ताओं ने शहर के बाहर ही नहीं अंदर की बस्तियों तक में जमकर खनन किया। जब गड्ढे ज्यादा गहरे हो गए और बड़ी मशीनों के बिना खनन करना मुश्किल हुआ तो उस इलाके को उसी हाल में छोड़कर चलते बने। सरकारी अमले ने भी इन गड्ढों को उनके ही हाल पर छोड़ दिया, लेकिन जब बरसात हुई तो इन गड्ढों में पानी भर गया। आस-पास की समतल जमीन को देख इन गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल होता है। ऐसे में बच्चे खेलते हुए इनमें उतर जाते हैं, और क्रेशर बस्ती जैसा दर्दनाक हादसा सामने आ जाता है। पत्रिका टीम ने शुक्रवार को पूरे शहर में खुदे ऐसे ही जानलेवा गड्ढों की पड़ताल की। पेश है एक रिपोट...र्।
क्रेशर बस्ती
अनन्तपुरा थाना क्षेत्र में कोटा उदयपुर मेगा हाइवे के निकट क्रेशर बस्ती के आस-पास अवैध खनन के चलते करीब एक दर्जन से ज्यादा छोटे-बड़े गड्ढे दिखाई पड़ जाते हैं। इनमें से अधिकांश में बारह महीने पानी भरा रहता है। आस-पास कच्ची बस्ती होने से छोटे बच्चे इनमें नहाने पहुंच जाते हैं। उन्हें गड्ढों की गहराई का पता नहीं चल पाता और जिन बच्चों को तैरना नहीं आता, वह दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं।
बरड़ा बस्ती
अनन्तपुरा थाना क्षेत्र में ही बरड़ा कच्ची बस्ती के पीछे वन भूमि पर अवैध खनन के चलते बारिश में बड़े बड़े गड्ढे पानी से लबालब हो रहे हैं। इनकी गहराई का पता भी नहीं चल पाता। इन गड्ढों में बस्ती की महिलाएं व पुरुष नहाने से लेकर कपड़े धोने का काम करते हैं। य
हां हर समय हादसों का अंदेशा बना रहता है।
विवेकानन्द नगर
स्वामी विवेकानन्द नगर और कोटा विश्वविद्यालय के बीच न्यास की खाली पड़ी भूमि पर बडे-बड़े गड्ढे पानी से लबालब भरे हुए हैं। इनके आस-पास झोपड़ पट्टी पैर पसारने लगी है। इनमें रह रहे लोग नहाने से लेकर कपड़े धोने तक के लिए इन्हीं गड्ढों में भरे पानी का इस्तेमाल करते हैं। इन गड्ढों के पास यूआईटी की कालोनियां भी बसी हुई हैं।
टैगोर नगर
रावतभाटा रोड पर टैगोर नगर में विधि महाविद्यालय के पीछे बड़े भूभाग पर बारिश का पानी भरा हुआ है। इसमें भी बच्चे ही नहीं बड़े लोग नहाते हैं। खाद्य निगम के जिला कार्यालय के सामने भी बड़े चौड़े गड्ढे में पानी भरा हुआ है। इन गड्ढों में कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
Published on:
15 Sept 2018 08:00 am
