6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अफसरों ने डुबोया स्मार्ट सिटी का साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट, ताले में बंद कर दी लाखों रुपए की साइकिल

कोटा नगर निगम के अफसरों की लापरवाही के चलते स्मार्ट सिटी के तहत शुरू किए गए साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट की हवा निकल गई।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

कोटा

•

image

Vineet Kumar Singh

•

Updated: 12 Dec 2017, 4:57 PM IST

Smart City Kota, Smart City Project, Nagar Nigam Kota, Municipal Corporation Kota, Cycle Sharing Project kota, Rajasthan Patrika Kota, Kota News in Hindi

Bicycle Sharing Project Failed in Kota

कोटा में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में करीब एक साल पहले दिल्ली की तर्ज पर साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट शुरू किया गया था, लेकिन एक साल बाद भी शहर में ढंग से साइकिल नहीं दौड़ पाई। नगर निगम की ओर से तैयार करवाए गए अधिकतर साइकिल स्टैण्डों पर ताले लटके हुए हैं। अधिकारियों के रुचि नहीं लेने से स्मार्ट सिटी में साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट बेदम सा हो गया है।

Read More: यूआईटी ने जारी किया सपनों के शहर का नक्शा, 15 साल में 21 लाख लोगों को बसाने की तैयारी

अफसरों ने जमकर लूटी थी वाहवाही

निगम के तत्कालीन आयुक्त शिवप्रसाद एम. नकाते के कार्यकाल में निगम ने दिल्ली की एक कम्पनी के साथ अनुबंध कर साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। झालावाड़ रोड तथा इन्द्र विहार में कोचिंग विद्यार्थियों के लिए यह सुविधा शुरू की गई थी, लेकिन आज दोनों ही जगह प्रोजेक्ट बंद हो गया है। दोनों स्टैण्ड पर ताले लटके हैं। दिल्ली की कम्पनी ने करीब सात सौ साइकिलों से यह प्रोजेक्ट शुरू किया था। निगम और स्मार्ट सिटी कम्पनी के अधिकारियों ने कोटा में प्रोजेक्ट को उपलब्धि में शामिल कर वाहवाही लूट ली, लेकिन ज्यादातर जगहों पर प्रोजेक्ट बंद हो गया।

Read More: मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्वः रेत ने रोकी बाघ की राह, एनक्लोजर और सुरक्षा दीवार बनी ही नहीं

केवल तीन जगह संचालित

बाद में राजीव गांधी नगर, जवाहर नगर तथा घटोत्कच चौराहे पर यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया। इसमें कम्पनी की ओर से एटीएम की तर्ज पर पहचान पत्र के आधार पर कार्ड जारी किया जाता है। यह कार्ड हर माह रिचार्ज करवाना होता है। रिचार्ज की दर अलग-अलग निर्धारित की गई है। दस रुपए प्रति दिन का शुल्क निर्धारित किया गया है। शुरुआत में कोचिंग छात्रों ने इसमें रुचि दिखाई, लेकिन अब रुझान कम दिख रहा है।

Read More: दूध और अंडे की शौकीन है ये बाघिन, मंगलवार को रखती है हनुमान जी का व्रत

सड़क किनारे खड़े कर दिए स्टैण्ड

निगम अधिकारियों ने मनमर्जी से जहां भी खाली जगह दिखी, वहीं स्टैण्ड खड़े करने की अनुमति दे दी। कॉमर्स कॉलेज चौराहे पर सड़क किनारे स्टैण्ड बना दिया। पिछले चार माह से इसके ताले तक नहीं खुले। झालावाड़ रोड, अनंतपुरा के स्टैण्ड पर भी ताला लटका हुआ है।

Read More: खनन माफिया ने ट्रैक्टर से कुचल कर की युवक की हत्या, पुलिस माफिया गठजोड़ की खुली पोल

यह शुरू किया जाना था

निगम और निजी कम्पनी की ओर से साइकिल शेयरिंग प्रोजेक्ट अनंतपुरा से लेकर स्टेशन तक शुरू किया जाना था। सभी जगह स्टैण्ड बनाए जाने थे। इसका मकसद यह था कि लोग आने-जाने में साइकिल का इस्तेमाल करें। नयापुरा बस स्टैण्ड, स्टेशन पर तो अभी तक यह सुविधा शुरू ही नहीं हुई है।