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लोकसभा चुनावों से पहले किसानों की नाराजगी से डरी सरकार, अब ले लिया बड़ा फैसला..

किसानों की नाराजगी से डरी सरकार, सरसों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन फिर शुरू  
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कोटा

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Rajesh Tripathi

Mar 19, 2019

kota news

लोकसभा चुनावों से पहले किसानों की नाराजगी से डरी सरकार, अब ले लिया बड़ा फैसला..

कोटा. न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरसों की खरीद के अव्यावहारिक नियमों के कारण किसान सरकारी कांटे पर सरसों बेचने नहीं पहुंच रहे। भामाशाहमंडी के खरीद केन्द्र पर कोटा को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी ने मंगलवार को बीस किसानों को टोकन दिए, लेकिन दिनभर में केवल एक किसान सरसों लेकर पहुंचा। स्थिति यह है कि अधिकारी दिनभर इंतजार करते रहते हैं। उधर किसान आंदोलन के दबाव में लोकसभा चुनाव के चलते सरसों का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कोटा के लिए फिर खोल दिया है।

सरसों की खरीद शुरू होने से पहले ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया गया था। इसके बाद सांसद ओम बिरला व अन्य जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन किया। किसान भी विरोध में उतर गए। इसके चलते चुनाव में किसानों की नाराजगी से घबराकर सरकार ने कोटा जिले के लिए रजिस्ट्रेशन चालू कर दिया। कोटा को-ऑपरेटिव मार्केटिंग सोसायटी में मंगलवार को रजिस्ट्रेशन का आंकड़ा 1024 पहुंच गया, जो पहले 600 था। कोटा संभाग में 15 मार्च से सरसों की खरीद शुरू हुई थी। अब तक कोटा के कन्द्र पर केवल 312 बैग ही सरसों की खरीद हुई है।


बूंदी कृषि उपज मंडी में एक घंटे ठप रही नीलामी

रामगंजबालाजी.बूंदी. बूंदी की कुंवारती स्थित कृषि उपजमंडी में अव्यवस्थाओं को लेकर मंगलवार को व्यापारी और आढ़तियों का गुस्सा फूट पड़ा। इससे करीब एक घंटे तक जिंसों की नीलामी ठप रही। यहां सुबह ही बड़ी संख्या में किसान जिंस बेचने आए थे। त्योहार के एक दिन पहले यकायक हड़ताल की घोषणा से किसान चिंतित हो उठे। हालांकि नीलामी शुरू होने पर सभी ने राहत की सांस ली।
आढ़तिया संघ का आरोप है कि मंडी के नए परिसर को शुरू हुए डेढ़ वर्ष हो गया, लेकिन अभी तक बिजली-पानी और सुरक्षा को लेकर कोई माकूल व्यवस्था नहीं हुई। मंडी परिसर में बैंक शाखा शुरू नहीं की गई। जिंसों की सुरक्षा के लिए परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगने थे, लेकिन मंडी प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। व्यापारी और आढ़तियों को भू-खंड आवंटित कर दिए, लेकिन ऊबड़-खाबड़ जमीन को समतल नहीं कराया गया। बाद में आढ़तिए मंडी सचिव से मिले और रोष जताया। सचिव ने उनकी मांग सरकार को भेजने और जल्द मांगों पर अमल कराने का भरोसा दिया, तब वह जिंसों की खरीद होने देने के लिए राजी हुए। यहां जिंसों की नीलामी 11.30 बजे शुरू हुई, जबकि निर्धारित समय 10.30 बजे है