
कोटा. एक लाख रुपए की रिश्वत लेने के मामले में ट्रेप किए गए नारकोटिक्स के निलम्बित अतिरिक्त आयुक्त डॉ. सहीराम मीणा की जमानत अर्जी पर बुधवार को एसीबी न्यायालय में सुनवाई के बाद दूसरी बार जमानत अर्जी खारिज कर दी।
गौरतलब है कि एसीबी की ओर से ट्रेप किए गए नारकोटिक्स विभाग के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. सहीराम मीणा की ओर से पेश जमानत अर्जी 5 फरवरी 2019 को एसीबी न्यायालय ने खारीज कर दी थी। इसके बाद उच्च न्यायालय में 5 मार्च 2019 को जमानत अर्जी लगाई गई जो सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी।
सहीराम के वकील ने दूसरी बार एसीबी न्यायालय में जमानत अर्जी लगाई। एसीबी न्यायालय में बुधवार को सहीराम की जमानत अर्जी खारीज कर दी। कोटा में 26 जनवरी को नारकोटिक्स ब्यूरो के अतिरिक्त कमिश्नर सहीराम मीणा को एक लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। मीणा को रिश्वत देने वाले कमलेश धाकड़ को भी एसीबी ने पकड़ा था।
एसीबी की टीम ने कोटा स्थित आवास में सर्च की कार्रवाई की तो वहां 3 लाख 95 हजार की नकदी भी बरामद हुई थी। जयपुर स्थित आवास पर टीम ने 82 आवासीय भूखंडों, 25 दुकानों, दो औद्योगिक भूखंडों और कृषि भूमिए पेट्रोल पंप मैरिज गार्डन से जुड़ी 200 करोड़ से अधिक की कुल संपत्तियों के दस्तावेज मिले थे। करीब ढाई करोड़ रुपए की नकदी भी जब्त की गई थी।