
विशिष्ट लोक अभियोजक विजय कछवाहा ने बताया कि 25 अक्टूबर 2014 को विज्ञान नगर पुलिस थाने में पीडि़ता के पिता ने रिपोर्ट दी थी, कि उसकी पुत्री सुबह 10 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर किशोरी की तलाश शुरू की। अनुसंधान के दौरान किशोरी के परिजनों ने मप्र के राजगढ़ के उधमखेड़ी निवासी दो भाइयों धीरज कुमार व जितेंद्र कुमार व सद्दाम पर शक जताया।
पुलिस ने अनुसंधान के दौरान धीरज कुमार, जितेन्द्र कुमार, उनकी मां भंवरीदेवी को आरोपी मानते हुए न्यायालय में चालान पेश किया। अदालत में किशोरी के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई। इसमें उसने बयानों में बताया कि आरोपी उसे अपने साथ बहला-फुसलाकर मप्र के राजगढ़ जिले के सारंगपुर ले गए, जहां दोनों ने उसे बंधक बनाकर 10 दिन तक उससे बलात्कार किया।
अदालत में अभियोजन पक्ष की तरफ से 18 गवाह कराए गए। अदालत ने दोनों आरोपियों धीरज व जितेन्द्र को दोषी मानते हुए शेष प्राकृत जीवनकाल के कारावास व 56-56 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया, जबकि मामले में शामिल आरोपियों की मां भंवरीदेवी को दोषमुक्त किया।
Published on:
06 Feb 2020 07:38 pm
