4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

इधर बस पंचर हुई उधर लेट हो गई ट्रेन…

, लेकिन एक बस के पंचर हो जाने के कारण से इस ट्रेन को करीब एक घंटे तक रोकना पड़ा।
2 min read
Google source verification

कोटा

image

Rajesh Tripathi

Feb 02, 2019

kota news

इधर बस पंचर हुई उधर लेट हो गई ट्रेन...


कोटा. जबलपुर-अजमेर दयोदय एक्सप्रेस के बेपटरी होने के बाद वापसी में इस ट्रेन को श्योदासपुरा स्टेशन से रवाना किया गया, लेकिन एक बस के पंचर हो जाने के कारण से इस ट्रेन को करीब एक घंटे तक रोकना पड़ा। हुआ यूं कि ट्रेक मरम्मरत का कार्य चलने के कारण जबलपुर जाने वाली दयोदय एक्सप्रेस को जयपुर के बजाय श्योदासपुरा स्टेशन से रवाना किया गया। एेसे में जयपुर जंक्शन से सफर करने वाले यात्रियों को तीन बसों के माध्यम से श्योदासपुरा स्टेशन तक लाया गया। इस बीच जयपुर जंक्शन से यात्रियों को ला रही एक बस रास्ते में पंचर हो गई, इस कारण ट्रेन को सवारियों का इंतजार करना पड़ा। इस ट्रेन में कोटा आने वाले काफी यात्री थे, उन्हें भी परेशानी हुई।

ट्रेन बेपटरी, गार्ड बेखबर....आखिर क्या है माजरा?

इससे पहले सुबह इसी ट्रेन से जयपुर के लिए कोटा से भी काफी यात्री सवार हुए। जब ट्रेन के बेपटरी होने की खबर आई तो कोटा से उनके परिजनों ने फोन करके हालचाल पूछे। किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।


इंजन बेपटरी होने का गार्ड को तीन मिनट तक पता ही नहीं चला

कोटा. जयपुर के सांगानेर में शुक्रवार को जबलपुर-अजमेर दयोदय एक्सप्रेस के इंजन और कोच के पटरी से उतरने के तीन मिनट बाद तक गार्ड को पता नहीं चला कि हादसा हो गया। सूत्रों के अनुसार जिस जगह ट्रेन का इंजन और कोच पटरी से उतरे वहां अक्सर चेन पुलिंग होती है, इसलिए गार्ड ने चालक दल और स्टेशन मास्टर के संदेश का इंतजार किया। जब तीन मिनट तक वॉकी-टॉकी पर किसी का संदेश नहीं मिला तो वे उतरकर आगे गए तो पता चला ट्रेन पटरी से उतर गई।
इंजन के गिरने के कारण चालक काफी मशक्कत करके बाहर आया। इंजन में फंस जाने के कारण चालक का गार्ड से संवाद नहीं हो पाया। हांलाकि चालक और सहायक चालक के किसी प्रकार की गंभीर चोट नहीं आई है। इस ट्रेन में चालक दल जयपुर मंडल के थे और गार्ड सुधीर कुमार कोटा मंडल रहने वाले हैं। राजस्थान पत्रिका ने गार्ड सुधीर कुमार से बात की तो उन्होंने बताया कि इंजन पटरी से क्यों उतरा यह जांच में पता चलेगा और अधिकृत रूप से उच्च अधिकारी कुछ बता सकते हैं। जब हादसे के बाद वे मौके पर गए तो उन्हें यह जानकारी मिली कि इंजन के आगे कोई बड़ा पत्थर आ जाने के कारण ऐसे हालात बने। सुधार कुमार ही कोटा से जयपुर इस ट्रेन को लेकर गए और वो ही उसे वापस कोटा तक लेकर आए।