4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हो रहा है बड़ा बदलाव…पैसे पर टिका बंधन के लिए ‘यस’ एंड ‘नो’…

माता-पिता ने रिश्ता तलाशा और बात पक्की कर दी। जैसे पत्थर की लकीर। न बेटे की ना होगी न बिटिया माता-पिता के निर्णय को ठुकराएगी।
2 min read
Google source verification

कोटा

image

Suraksha Rajora

Dec 09, 2018

change in youth attitudes about marriageWedding season 2018, 19

हो रहा है बड़ा बदलाव...पैसे पर टिका बंधन के लिए 'यस' एंड 'नो'...

कोटा . माता-पिता ने रिश्ता तलाशा और बात पक्की कर दी। जैसे पत्थर की लकीर। न बेटे की ना होगी न बिटिया माता-पिता के निर्णय को ठुकराएगी। वक्त के साथ विवाह को लेकर भी युवाओं के नजरिए में बदलाव आ रहा है और वे अपने सपने अपने नजरिए से बुन रहे हैं। सुंदर व आकर्षक जीवन साथी तो चाहिए ही साथ ही सैफ जोन में रहने के लिए आर्थिक रूप से मजबूत साथी की भी दरकार है।

Read More: विवाह का विचार है तो खास खबर...खुशियों का तारा हो रहा है उदय

युवा पीढ़ी के विभिन्न नजरियों को लेकर किए शोध में यह बातें सामने आई। बंधन में क्षेत्रवाद को किसी ने जगह नहीं दी। राजकीय कला कन्या महाविद्यालय में समाज शास्त्र की व्याख्याता ज्योति सिडाना ने 100 से अधिक युवाओं से बात की। इनमें कोटा के अलावा जयपुर, मुंबई, हरियाणा, जबलपुर समेत अन्य शहरों के युवक व युवतियां शामिल हैं। इनसे चर्चा कर निष्कर्ष निकाले।


यह निकाला निष्कर्ष


आज हर कोई सुविधा संपन्न जीवन जीना चाहता है। जीवन साथी के चयन में आय, शिक्षा, जॉब को महत्व देते हैं। पार्टनर की पसंद, नापसंद, मानसिकता का लेवल जानना महत्वपूर्ण नहीं। यह भी कारण सम्बन्धों में दरार के।

ये नतीजे आए सामने
44.54 फीसदी युवाओं ने उच्च शिक्षित जीवन साथी की चाहत बताई। 39.09 फीसदी ने आर्थिक रूप से मजबूत, 19.09 फीसदी ने जॉब वाले जीवन साथी को महत्वपूर्ण बताया। सामूहिकता के मूल्यों में विश्वास रखने वाले 10.90 प्रतिशत युवा है। सर्वे के मुताबिक 47.28 फीसदी युवा लव कम अरेंज्ड मैरिज के पक्ष में हैं। 16.37 प्रेम विवाह को पसंद करते हैं। 14.55 प्रतिशत लिव इन रिलेशनशिप, 10.90 प्रतिशत कोर्ट मैरिज के पक्ष में हैं।


& जिस तरह से आंकड़े सामने आए हैं, स्पष्ट होता है कि परिवार और विवाह चुनौती बन गए हैं। तलाक लेने या परस्पर सहमति से पृथक होने वालों की संख्या बढ़ी है। युवा लव कम अरेंज्ड मैरिज की और बढ़ रहे हैं। उसी से विवाह करते हैं जिसे जानते हों और घर वालों की भी सहमति हो। परम्परागत अरेंज्ड मैरिज के प्रति रुझान कम हो रहा है।
ज्योति सिडाना, असिस्टेंट प्रोफेसर, समाज शास्त्र, कला कन्या महाविद्यालय


यूं समझें आंकड़े


्राथमिकता युवा प्रतिशत
जाति 10 9.09
धर्म 05 4.54


क्षेत्र कोई प्राथमिकता नहीं


शिक्षा 49 44.54
जीवन साथी की आय 43 39.09
रोजगार की प्रकृति 21 19.09
आकर्षक व्यक्तित्व 34 30.90
सामूहिकता के मूल्य 12 10.90


यहां ऐसे बदलाव


विवाह प्रणाली युवा प्रतिशत
परम्परागत विवाह 12 10.90
लव कम अरेंज्ड 52 47.28
लिव इन रिलेशनशिप 16 14.55
कोर्ट मेरिज 12 10.90
प्रेमविवाह सह पलायन 18 16.37