
सुल्तानपुर. पंचायत समिति में आधारकार्ड बनवाते बच्चे।
कोटा/सुल्तानपुर.
हाइवे को पार करते हादसों की आशंका और स्कूल की डेढ़ किलोमीटर की दूरी जिन तीन दर्जन बच्चों की शिक्षा की राह में दीवार बनकर खड़ी थी, उन्हीं की दहलीज पर अब उजियारा आने को है। जिले के सुल्तानपुर कस्बे में विद्युत कार्यालय के पीछे स्थित कालबेलिया कच्ची बस्ती के बच्चे डेढ़ किलोमीटर दूर विद्यालय होने के कारण दर्जनों बच्चों के स्कू ल नहीं जाने का मामला राजस्थान पत्रिका में प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग में गंभीर हलचल हुई है। ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. अनिरूद्ध शर्मा ने बस्ती में टीम भेजकर सर्वे कराया है। बस्तीवासियों ने स्कूल दूर होने का हवाला दिया और बस्ती में ही स्कूल खोले जाने की मांग की। इस विभाग ने सुल्तानपुर पंचायत समिति व कस्बे के ही युवाओं की समाजसेवी संस्था दिल की हेल्पलाइन के सहयोग से अस्थाई पाठशाला को हरी झंडी दी है। बस्ती में करीब तीन दर्जन से ज्यादा बच्चे शिक्षा से वंचित हैं। राजस्थान पत्रिका ने बस्ती के बच्चों की पीड़ा को गत 3 जुलाई को खबर प्रकाशित कर मंच दिया था।
शिविर लगाकर बनाए आधार कार्ड
शुक्रवार को बस्ती में पहुंची सर्वे टीम को अभिभावकों ने बच्चों के आधार कार्ड भी नहीं होने की समस्या बताई। टीम के साथ मौजूद समाजसेवी संस्था के कार्यकर्ताओं ने पंचायत समिति विकास अधिकारी जगदीश मीणा से विषय साझा किया। उन्होंने प्रोग्राम अधिकारी को पंचायत समिति में शिविर लगाकर आधार कार्ड बनाने के लिए निर्देशित किया। शनिवार को पंचायत समिति में शिविर लगाकर एक दर्जन बच्चों के नि:शुल्क आधार कार्ड बनाए गए। इसमे कुछ बच्चों के दस्तावेज अधूरे होने से सोमवार को फिर शिविर लगाया जाएगा।
पाठ्य सामग्री भी देंगे
समाजसेवी संस्था के सदस्य नरेन्द्र शर्मा व दीपक बंसल ने पत्रिकाडॉटकॉम ने बताया कि अस्थायी पाठशाला में बच्चों को संस्था की ओर से पाठ्य सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। पाठशाला का शीघ्र शुभारम्भ होगा।
प्रस्ताव भेजे, बाकी कार्य सरकार का
इधर, मामले में पत्रिकाडॉटकॉम ने ब्लॉक मुख्य शिक्षा अधिकारी, सुल्तानपुर डा.अनिरूद्ध शर्मा से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि कालबेलिया बस्ती में सर्वे को टीम भेजी थी, वहां तीन दर्जन से अधिक बच्चे शिक्षा से वंचित हैं। बस्ती में स्कूल खोलने के प्रस्ताव भिजवाए हुए हैं। यह कार्य सरकार के स्तर का है। फिलहाल, समाजसेवी संस्था दिल की हेल्पलाइन व पंचायत समिति के सहयोग से अस्थायी पाठशाला खोलकर बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
पंचायत समिति विकास अधिकारी जगदीश मीणा ने बताया कि बस्ती में बच्चों के शिक्षा से वंचित होने की जानकारी राजस्थान पत्रिका से मिली थी। बच्चों के आधार कार्ड बनवा दिए हैं। अस्थायी पाठशाला के लिए पंचायत समिति से जो हो सकेगा वह सहायता दी जाएगी।
Published on:
07 Jul 2019 07:00 am
