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CWG 2026 : महिला बॉक्सिंग फाइनल में राजस्थान की बेटी आज रच सकती है इतिहास, पर अरुंधति चौधरी को पदक मिलना है तय

CWG 2026: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के महिला बॉक्सिंग वर्ग के 70 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में राजस्थान के कोटा की बेटी अरुंधति चौधरी का मुकाबला आज Chantelle Reid से होगा। राजस्थान की बेटी आज इतिहास रच सकती है।
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CWG 2026 Womens Boxing Final Arundhati Chantelle Reid Rajasthan daughter create history

CWG 2026 : राजस्थान के कोटा की बेटी अरुंधति चौधरी। फोटो पत्रिका

CWG 2026: ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में आज राजस्थान के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है। आज महिला बॉक्सिंग वर्ग के 70 किग्रा भार वर्ग के फाइनल में राजस्थान के कोटा की बेटी अरुंधति चौधरी का मुकाबला इग्लैंड के Chantelle Reid से होगा। राजस्थान की बेटी आज इतिहास रच सकती है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 महिला बॉक्सिंग वर्ग के 70 किग्रा भार वर्ग में भारत का पदक पक्का है। अब गोल्ड मिलता है या रजत। इसका फैसला आज होगा। एक अगस्त यानि आज अरुंधति चौधरी का इंग्लैंड की चैटेल रीड़ से मुकाबला होगा। चैटेल ने दूसरे सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया की लेकीशा पेरगोलिटी को 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। भारतीय समयानुसार यह मुकाबला रात 9.30 बजे खेला जाएगा।

अरुंधति के पिता एवं कोटा मुक्केबाजी संघ के अध्यक्ष सुरेश चौधरी ने सेमीफाइनल में बेटी की जीत पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें पहले से ही विश्वास है कि अरुंधति स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करेगी। उनकी मां सुनीता चौधरी ने भी बेटी की सफलता पर गर्व व्यक्त किया।कोच अशोक गौतम ने बताया कि इससे पहले क्वार्टर फाइनल में अरुंधति ने न्यूजीलैंड की मॉर्गन हेंडरसन को 3-1 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। वर्तमान में अरुंधति सेना में कार्यरत है।

अपने सपनों को मत मारिए : अरुंधति

सेमीफाइनल में जीत दर्ज करने के बाद अरुंधति चौधरी ने युवाओं से अपने सपनों का पीछा नहीं छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा, जैसे मैने अपने सपने को नहीं मारा, वैसे ही आप भी अपने सपनों को मत मारिए। उन्हें पूरा करने का रास्ता थोड़ा कठिन जरूर होगा। परिवार और माता-पिता को मनाने में समय लग सकता है, लेकिन अगर आपका लक्ष्य स्पष्ट है तो पूरी मेहनत और ईमानदारी से उसके लिए आगे बढ़िए। आखिर जिंदगी आपकी है और फैसला भी आपका होना चाहिए।

देश को गौरवान्वित करने के दो अवसर

अरुंधति ने कहा कि उन्हें देश का नाम रोशन करने के दो अवसर मिले हैं। पहला भारतीय सेना की वर्दी पहनकर मातृ‌भूमि की सेवा करना और दूसरा बॉक्सिग रिंग में भारत के लिए पदक जीतना। उन्होंने कहा कि दोनों जिम्मेदारियां उनके लिए समान रूप से गर्व और सम्मान का विषय हैं।

राजस्थान में बेहतर सुविधाओं की जरूरत

अरुंधति ने बताया कि बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं के अभाव में उन्हें राजस्थान छोड़कर हरियाणा के रोहतक में अभ्यास करना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि राजस्थान में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधाएं और आधारभूत ढांचा विकसित हो जाए तो प्रदेश के अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।