
कोटा. जिले के चंद्रेसल गांव निवासी 4 मजदूरों की मौत मंगलवार रात बूंदी जिले के केशवरायपाटन से दस किलोमीटर दूर चम्बल किनारे सूनगर में अवैध रेत निकालते समय टीला ढहने से हो गई थी। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद उनके शव गांव लाए गए। शव गांव में पहुंचते ही मृतक के परिवारों में कोहराम मच गया। चारों मृतकों की अर्थियां जैसे ही गांव के चौराहे पर पहुंची तो ग्रामीणों ने चारों अर्थियों को एकसाथ रखकर मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। करीब ढाई घंटे बाद जिला प्रशासन की ओर से मौके पर पहुंचे लाडपुरा तहसीलदार के आश्वासन के बाद अर्थियां उठाई गई।
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चारों मृतक मजदूर महावीर धोबी (45), सुरेश बैरवा (26), रामकुमार बैरवा (45) व धनकंवर बाई बैरवा (30) की मौत के बाद से ही पूरे गांव में मातम छाया हुआ था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सुबह सांसद ओम बिरला भी परिजनों को ढांढ़स बंधाने पहुंचे। ग्रामीणों ने सांसद से मृतक चारों मजदूरों के परिजनों को मुआवजा दिलवाने की मांग की। इसके बाद बिरला ने अधिकारियों से बात की। सुबह 11.30 बजे करीब सभी मृतकों की शवयात्रा एक साथ निकाली। शवयात्रा जैसे ही चन्द्रेसल गांव के चौराहे पर पहुंची तो ग्रामीणों ने अर्थियों को चौराहे पर रख मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। सूचना पर पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा और समझाइश की, लेकिन ग्रामीण मुआवजा की मांग पर अड़े रहे। करीब ढाई घंटे बाद लाडपुरा तहसीलदार कालूलाल जागिड़ मौके पर पहुंचे और मुख्यमंत्री सहायता कोष से नियमानुसार सहायता दिलवाने का आश्वासन दिया।
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इसके बाद परिजन व ग्रामीणों ने चारों अर्थियों को उठाया और दाह संस्कार के लिए ले गए। प्रदर्शन के दौरान भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री मुकुट नागर भी प्रदर्शनकारियों के साथ रहे।