
उप महापौर बोली, जनता को क्या जवाब देंगे
कोटा. शहर की बिगड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर उप महापौर सुनीता व्यास ने सोमवार को आयुक्त जुगलकिशोर मीणा को जमकर खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि एक-डेढ़ माह में ऐसा क्या हो गया कि व्यवस्था ही चौपट हो गई।
लोग सुबह से सफाई को लेकर फोन करते हैं, क्या जवाब दें। क्यों प्रशासनिक निगरानी नहीं हो रही है। उधर पार्षद महेश गौतम लल्ली, प्रतिपक्ष नेता अनिल सुवालका, दिलीप पाठक, गिरिराज महावर, डा. आर. डी. वर्मा, महेश गौतम सोनू, जगदीश मोहिल आदि ने आयुक्त को ज्ञापन देकर सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार करने की मांग की है। कचरा परिवहन और टिपर ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सफाई कर्मचारी नहीं लगाए, राजवंशी आज बैठेंगे धरने पर
कोटा. सफाई व्यवस्था को लेकर निगम की चौतरफा हो रही निंदा के बीच भाजपा के ही पार्षदों ने विरोध बुलंद कर दिया है। पार्षद विवेक राजवंशी ने उनके वार्ड 54 में बार-बार पत्र लिखने के बाद भी सफाई कर्मचारी नहीं लगाने पर मंगलवार को सुबह 11 बजे उपायुक्त (मुख्यालय) के चैम्बर के बाहर धरने पर बैठने की घोषणा की है। निगम प्रशासन में देर रात सत्ता पक्ष के ही पार्षद के धरने बैठने की सूचना मिलने पर खलबली मच गई। राजवंशी ने बताया कि निगम के रिकॉर्ड में उनके वार्ड में 38 स्थायी सफाई कर्मचारी लगे हैं, जबकि वार्ड में 30 ही काम कर रहे। महिला सफाई कर्मचारियों ने घरों में डिब्बों में भरा जाने वाला कचरा उठाने से इनकार कर दिया है।
लापरवाही बरतने पर तीन स्वास्थ्य निरीक्षकों को नोटिस
कोटा. निगम आयुक्त जुगल किशोर मीणा ने सोमवार को कार्य में लापरवाही बरतने पर तीन स्वास्थ्य निरीक्षकों को नोटिस थमा दिया। मंगलवार से कचरा प्वाइंट से कचरे का सुचारू उठाव नहीं करने पर ठेकेदार और संबंधित स्वास्थ्य निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई होगी। आयुक्त ने सेक्टर 9, 10 व 11 का औचक निरीक्षण किया तो इस दौरान तीनों सेक्टर पर संबंधित कार्यवाहक स्वास्थ्य निरीक्षक शिवशंकर शर्मा, कमलेश धामुनिया व प्रहलाद अनुपस्थित मिले एवं कचरा परिवहन में प्रयुक्त टैक्टर-ट्रॉली, डम्पर, टिपर के संबंध में किसी प्रकार का कोई रजिस्टर संधारित करना नहीं पाया गया। तीनों को नोटिस जारी किया गया है।
Published on:
28 Aug 2018 05:11 pm
