
Dialysis facility start in Rampura District Hospital Kota
गुर्दा रोगियों के लिए अच्छी खबर है। उन्हें डायलिसिस के लिए अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। राज्य सरकार की ओर से रामपुरा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में पीपीपी मोड पर डायलिसिस विंग तैयार की गई है। बुधवार से इसे ट्रॉयल के तौर पर चलाया जाएगा। औपचारिक उद्घाटन के बाद यह विंग नियमित सेवाएं देने लगेगी।
राज्य सरकार और सोनी हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड जयपुर के बीच प्रदेश के नौ जिला अस्पतालों में डायलिसिस विंग खोलने का अनुबंध हुआ है। इसमें सीकर, झुंझनूं व चूरू में यह विंग खुल चुकी है। कोटा में यह बुधवार से शुरू होगी। इसके बाद बूंदी व ब्यावर, भीलवाड़ा, अलवर, भरतपुर जिला अस्पतालों में यह विंग शुरू की जाएगी।
जर्मनी से आई हैं मशीनें
कोटा के रामपुरा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में बुधवार से शुरू हो रही इस विंग में जर्मनी से दो मशीनें मंगवाई गई हैं। यहां प्रतिदिन चार डायलिसिस होगी। एक डायलिसिस में चार घंटे लगते हैं। यदि मरीजों की संख्या बढ़ती है तो एक दिन में छह डायलिसिस हो सकेंगी। विंग स्थापित करने में करीब 20 लाख की लागत आई है। यहां चिकित्सक समेत तीन लोगों की टेक्नीशियन टीम रहेगी।
मिलेगी नि:शुल्क सुविधा
प्राईवेट हॉस्पिटल में गुर्दा रोगियों को डायलिसिस कराने के लिए एक बार में पांच हजार रुपए तक खर्च करने पड़ते है, लेकिन रामपुरा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में डायलिसिस पर खर्च महज 1200 रुपए ही आएगा। वहीं भामाशाह कार्डधारक, सीनियर सिटीजन, बीपीएल कार्डधारक, दिव्यांग और कैदियों की डायलिसिस मुफ्त में की जाएगी। रामपुरा डायलिसिस विंग के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमित विलियम्स ने बताया कि डायलिसिस विंग का बुधवार से ट्रॉयल शुरू कर दिया जाएगा। यहां प्रतिदिन चार डायलिसिस होंगी। इससे गुर्दा रोगियों को लाभ मिलेगा। उद्घाटन के बाद इसे रेगुलर चलाएंगे।
Published on:
20 Sep 2017, 10:54 AM IST
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