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कचरे में उलझा निगम, पार्षदों का दबाव, बंद कमरे में मंत्रणा

पार्षद फिर सफाई में उलझ गए। कुछ पार्षद कचरा परिवहन के टेण्डर निरस्त करने के लिए महापौर और आयुक्त पर दबाव बना रहे हैं।
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कोटा

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Deepak Sharma

Oct 06, 2018

nagar nigam kota

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कोटा. चुनावी हलचल के बीच पार्षद फिर सफाई में उलझ गए। कुछ पार्षद कचरा परिवहन के टेण्डर निरस्त करने के लिए महापौर और आयुक्त पर दबाव बना रहे हैं। इसकी भनक लगते ही कोटा उत्तर और दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के कुछ पार्षद भी निगम पहुंच गए।

उन्होंने महापौर और आयुक्त से स्पष्ट कहा कि दबाव में टेण्डर निरस्त किए गए तो आंदोलन करने को विवश होना पड़ेगा। पार्षदों की लॉबिंग के बीच देर शाम को महापौर महेश विजय, आयुक्त जुगलकिशोर मीणा तथा उपायुक्त कृष्णा शुक्ला की बंद कमरे में वार्ता हुई।

महापौर भी चुनावी सीजन होने के कारण इस बार टेण्डर निरस्त करने के मूड में नहीं है। पहले ही तीन बार महापौर के दखल के कारण टेण्डर निरस्त हुए थे। इस खींचतान का असर शहर की जनता भुगतेगी, क्योंकि त्योहारी सीजन में कचरा परिवहन की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

कचरा परिवहन के जोनवार टेण्डर हो रहे हैं। लाडपुरा और रामगंजमंडी क्षेत्र के टेण्डर की दर बिलो आई है। इस कारण यहां कार्यादेश जारी करने पर सहमति बन गई, लेकिन कोटा उत्तर और दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में कचरा परिवहन की दर अधिक आई, क्योंकि इन दोनों ही विधानसभा क्षेत्र में 23-23 वार्ड आते हैं। टेण्डर को लेकर दिनभर निगम में गहमागहमी का माहौल रहा।

कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र के पार्षद बृजेश शर्मा नीटू सफाई समिति द्वितीय के अध्यक्ष इन्द्रजैन ने आयुक्त व महापौर से मुलाकात कर बिगड़ी कचरा परिवहन की व्यवस्था का हवाला देते हुए कार्यादेश देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यदि टेण्डर फिर निरस्त किए गए तो बोर्ड और जनप्रतिनिधियों की बदनामी होगी।

उधर कुछ फर्मे टेण्डर प्रक्रिया से आउट होने के बाद टेण्डर निरस्त करवाने के लिए दबाव बना रही हैं। इसके लिए विधायकों के माध्यम से दबाव बनाया जा रहा है।

कार्यादेश में क्यों देरी

लाडपुरा विधानसभा के पार्षद उप महापौर सुनीता व्यास के यहां जमे रहे। हालांकि लाडपुरा के टेण्डर होने पर सहमति बन गई है। उप महापौर का कहना है कि पुराने ठेकेदार पूर्व में लिखकर दे चुके हैं कि पुरानी दरों में कचरा परिवहन नहीं कर सकते तो फिर क्यों देरी की जा रही है। कचरा परिवहन की व्यवस्था सुचारू करने के लिए तत्काल निर्णय लें।

अनशन पर बैठेंगे

पार्षद विवेक राजवंशी और गोपालराम मण्डा ने कहा कि चार साल से निगम कचरा परिवहन के टेण्डर नहीं करवा पा रहा। यह चिंता का विषय है। वार्डों से कचरा नहीं उठने पर पार्षदों की बदनामी होती है। अब टेण्डर निरस्त किए तो अनशन पर बैठेंगे।

सीवरेज के टेण्डर निरस्त

पार्षदों की खींचतान के बीच निगम में सीवरेज के टेण्डर निरस्त कर दिए हैं। इसमें भी एक पार्षद से जुड़ी फर्म आउट हो गई। इसके बाद से निगम में चर्चा थी कि यह टेण्डर निरस्त होने वाले हैं।