
meeting
कोटा. मेला समिति की ओर से 125 वें राष्ट्रीय दशहरा मेले को भव्य रूप देने के लिए पिछले एक माह से बैठकें कर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि तीन बैठकें हो चुकी, नतीजा सिफर है। शुक्रवार को हुई मेला समिति की बैठक में सदस्य पुराने दुकानदारों को ही दुकानें आवंटित करने पर अड़ गए। इसके चलते आयुक्त दबाव में आ गए और पुराने दुकानदारों को ही दुकान आवंटन में प्राथमिकता देना तय हो गया। मेले में कच्ची दुकानों के नाम पर फिर बंटरबांट की भी तैयारी हो गई है।
मेला समिति की एक माह पहले हुई बैठक में दुकानों के आवंटन और मेले से जुड़े कार्यक्रमों के टेण्डर जारी करने का निर्णय हुआ था, लेकिन अभी तक कोई टेण्डर नहीं हुआ। महापौर व मेला अध्यक्ष बार-बार भव्यता की बात कह रहे हैं। दशहरा मैदान में फेज दो की जगह पर अतिक्रमण की भरमार है। मेला समिति के बार-बार कहने के बावजूद मैदान समतल नहीं हुआ है। शुक्रवार को हुई बैठक में कलाकारों के नाम तय करने सहित अन्य मसलों पर चर्चा हुई। बैठक में महापौर, उप महापौर, आयुक्त व मेला समिति के सदस्य व अधिकारी मौजूद थे।
अब 25 फीट घटाया रावण का कद
पिछली बैठक में मेला समिति ने 125 वें मेले के अनुरूप रावण का पुतला 125 फीट बनाने का निर्णय किया था, लेकिन अब बैकफुट पर आ गए हैं। अब 100 फीट का पुतला बनाना तय हुआ है।
आवंटन नीति तय नहीं, सहमति बना ली
पूर्व आयुक्त डॉ. विक्रम जिंदल ने इस बार मेले को नयापन देने और नए व्यापारियों को जोडऩे के लिए ऑनलाइन नीलामी से दुकान आवंटन की प्रक्रिया तय की थी, लेकिन आयुक्त के बदलते ही मेला समिति ने लॉबिंग शुरू कर दी और पुराने दुकानदारों को दुकानें आवंटित करवाने पर सहमति बना ली है। अभी तक दुकानों के आवंटन की नीति तय नहीं हुई है। बैठक में निर्णय किया है कि आगामी 15 दिन में दुकानों के लिए आवेदन मांगेंगे। फेज दो वाले स्थान पर कच्ची दुकानों की व्यवस्था की जाएगी। निगम की ओर टेंट के माध्यम से दुकानें बनवा कर उनका आवंटन करेगा।
Published on:
11 Aug 2018 12:17 pm
