
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पहल रंग लाई
कोटा . पर्यावरण के लिए मुसीबत बनी कोटा स्टोन स्लरी से अब निजात मिल सकेगी। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (आरएसपीसीबी) के तकनीकी और आर्थिक सहायता मुहैया कराने के बाद पाषाण वेलफेयर फाउंडेशन (पीडब्ल्यूएफ) ने कोटा में स्टोन स्लरी से टाइल्स और पेवर ब्लॉक बनाने के लिए प्लांट स्थापित कर लिया है। जून के प्रथम सप्ताह में उत्पादन शुरू हो जाएगा।
कोटा में 490 कारखाने दिन रात पत्थर तराशने का काम करते हैं। इन कारखानों से रोज 20 से 25 टन स्लरी निकलती है। दशकों तक खुले में फेंकी जा रही स्लरी जब पर्यावरण के लिए खतरा बनने लगी तो राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के निर्देश पर रीको ने इंडस्ट्रियल एरिया में डंपिंग यार्ड तैयार किया, लेकिन इसके बाद भी समस्या खत्म नहीं हुई तो वर्ष 2014 में आरएसपीसीबी ने सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) के साथ इसका समाधान तलाशने के लिए करार किया।
तकनीकी विकास पर खर्च हुए 75 लाख
सीबीआरआई के ऑर्गेनिक बिल्डिंग मैटेरियल ग्रुप की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रजनी लखानी और उनकी टीम ने दो साल शोध करने के बाद कोटा स्टोन स्लरी से रेडी फॉर यूज टाइल्स और पेवर ब्लॉक टाइल्स बनाने की तकनीक खोजी।
एनजीटी से हरी झंडी मिलने और शोध की प्रमाणिकता साबित होने के बाद सीबीआरआई ने वर्ष 2017 में आरएसपीसीबी को तकनीक ट्रांसफर की। इस तकनीक के विकास में 75 लाख रुपए का खर्च आया। इसमें 35 लाख रुपए पीसीबी और 35 लाख रुपए राजस्थान विज्ञान एवं तकनीकी विभाग ने खर्च किए हैं।
मशीनें पहुंची, इंस्टॉलेशन जारी
क्षेत्रीय अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि स्टार्टअप पॉलिसी 2017 के तहत राज्य सरकार का अनुमोदन मिलने के बाद 20 मार्च 2018 को आरएसपीसीबी ने पीडब्ल्यूएफ को प्लांट स्थापित करने के लिए 13.80 लाख रुपए की ग्रांट अनुमोदित की थी।
पहली किस्त के साथ ही टाइल्स और पेवर ब्लाक बनाने की तकनीक भी दी। रीको ने इंद्रप्रस्थ इंडस्ट्रियल एरिया स्थित स्लरी डंपिंग यार्ड में ही प्लांट स्थापित करने के लिए जगह दी है। प्लांट का शेड तैयार हो चुका है। मशीनें भी आ चुकी हैं और उनके इंस्टालेशन का काम एक दो दिन में पूरा कर लिया जाएगा।
मशीनें इंस्टाल करने के साथ ही टाइल्स बनाने का ट्रायल इस महीने पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद जून के प्रथम सप्ताह में उत्पादन शुरू हो जाएगा। प्लांट में रोजाना 8000 फ्लोरिंग टाइल्स, 3500 रफ पेवर ब्लॉक और 5000 ब्रिक निर्माण किया जाएगा।
-अमित शर्मा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
Published on:
25 May 2018 02:42 pm
बड़ी खबरें
View Allकोटा
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
