
घरों में इनसे होगी जगमग, इनका भोग लगेगा
कोटा. धनतेरस के साथ ही शहर में सोमवार से पांच दिवसीय दीपोत्सव का आगाज हो जाएगा। दीपावली 7 नवम्बर को मनाई जाएगी। बाजारों में महापर्व की रौनक सिर चढ़कर बोल रही है। छोटे-बड़े व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों को ग्राहकों की जरूरतों को समझते हुए सजाया है। इधर, अब दीपावली के बीच महज दो दिन का फासला रह जाने से शहर में फुटकर दुकानदारों ने भी अपनी दुकानें सजा ली है। खील बताशे, घड़े, दीपक, रूई, देवी के पूजन सम्बन्धित सामग्री समेत अन्य कई दुकानें बाजार में सज गई है। इन पर खरीदारी का दौर शुरू हो गया है।
पर्व से पहले खरीदारी
परमल, खील बताशों की खरीदारी तो दीपावली के तीन से चार दिन पहले ही लोग शुरू कर देते हैं। वैसे मुख्य रूप से तो धनतेरस से ही खरीदारी शुरू होती है। भावों को लेकर दुकानदारों का मानना है खील बताशों के भाव में गत वर्ष की तुलना में ज्यादा अंतर नहीं है। जबकि दीपक इस बार महंगे है।
भाव एक नजर में
गुमानपुरा पुलिया के पास शाहिद हुसैन व यास्मीन बानो बताते हैं कि देवी लक्ष्मी के लिए खील बताशों को मिक्स प्रसाद 30 से लेकर 40 रुपए का 250 ग्राम मिल रहा है। अलग-अलग भाव भी देखें तो शक्कर के खिलौने, परमल, ज्वार व मक्का, मंूगफली, चने का भाव कमोबेश यही है। परमल 80 रुपए किलो मिल रही है। फूली, खील, खिलौने में प्रत्येक के भाव 120 रुपए प्रति किलो है। ज्वार 160 रुपए प्रति किग्रा है। अलग-अलग क्षेत्रों में भावों में थोड़ा बहुत अंतर संभव है।
दीपावली इनसे रोशन
बाजार में रंग-बिरंगे दीपक सजे हैं। गुमानपुरा क्षेत्र में पूजा व मंजू प्रजापति के अनुसार बाजार में हर तरह के सस्ते महंगे दीपक उपलब्ध है। सामान्य दीपक 80 रुपए के 100 के हिसाब से मिल रहे हैं। आकार व डिजाइन के आधार पर 5,10,20 रुपए वाले दीपक भी है। कलश सादा व डिजाइनदार है। 20 से 70 रुपए तक के कलश मिल रहे हैं। महापर्व पर मटकियों की भी खासी डिमांड रहती है। बाजार में 60 से 100 व इससे अधिक मोल में मटकियां बिक रही है।
सजावटी सामान भी सजे
घर को सजाने के लिए बाजार भी सजावटी सामग्री से सज गए हैं। इनमें आकर्षक लडिय़ा, झूमर, तैरने वाले दीपक, गमले, लटकन समेत अन्य कई चीजें बाजार में है।
Published on:
05 Nov 2018 05:37 pm
