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चुनाव से ठीक पहले कोटा में हवाई सेवा को लेकर आई बड़ी खबर..मंत्री धारीवाल ने कर दी बड़ी घोषणा

... इसमें जनता के सहयोग की भी जरूरत पड़ेगी।
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कोटा

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Rajesh Tripathi

Mar 08, 2019

kota news

चुनाव से ठीक पहले कोटा में हवाई अड्डे को लेकर आई बड़ी खबर..मंत्री धारीवाल ने कर दी बड़ी घोषणा

प्रदेश में कांग्रेस सरकार के गठन को करीब तीन माह पूरे हो गए हैं। चुनाव से पहले कांग्रेस और स्वायत्त शासन मंत्री ने शहर की जनता से कई वादे किए। शहर को राहत और नई सुविधाएं देने के लिए सरकार की क्या योजना है। सरकार का शहर को लेकर विजन जानने के लिए पत्रिका ने स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल से खास बातचीत की। बातचीत में उन्होंने कहा, वे शहर की जरूरतों की प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं तैयार कर रहे हैं। इसमें जनता के सहयोग की भी जरूरत पड़ेगी।

हम चाहते हैं कोटा में नया हवाई अड्डा बने
नागरिक उड्डयन विभाग और एयरपोर्ट ऑथिरिटी कोटा में नया हवाई अड्डा बनाने की योजना पर काम करे तो सरकार नि:शुल्क जमीन देने के लिए तैयार है। स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने कहा, वे और उनकी सरकार कोटा में नया हवाई अड्डा बनाना चाहते हैं। इसलिए उपयुक्त जगह पर जितनी जरूरत होगी उतनी जमीन देने के लिए तैयार है। इसके एवज में कोई राशि ली जाएगी। उन्होंने कहा, राज्य सरकार जमीन दे सकती है, लेकिन हवाई अड्डे का निर्माण नागरिक उड्डयन विभाग और एयरपोर्ट ऑथिरिटी की पहल पर ही हो सकेगा।

पानी, सीवरेज के लिए 800 करोड़ खर्च होंगे
उन्होंने कहा, शहर में सीवरेज के लिए 500 करोड़ और नई पेयजल लाइन बिछाने के लिए करीब 300 करोड़ रुपए का प्रावधान किया जाएगा। इसके साथ पेयजल का उत्पादन जरूरत के अनुसार बढ़ाया जाएगा।

यातायात व्यवस्था सुधारेंगे
शहर के यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए योजना बनाई क्रियान्वयन की जाएगी। इसके साथ ही पार्किंग की समस्या का हल निकालने के लिए भी पार्किंग स्थल के नए विकल्प खोजकर योजना को मूर्त रूप दिया जाएगा।

स्मार्ट के साथ पुराने मीटर भी लगाएंगे
शहर में जयपुर विद्युत वितरण निगम की फ्रेंचाइज कंपनी केईडीएल की ओर से शहर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के मामले पर उन्होंने कहा, पिछली सरकार ने केईडीएल के साथ 20 साल का करार किया था। ऐसे में बिना विधिक प्रक्रिया से इसे भगाया नहीं जा सकता, लेकिन इस बारे में रास्ता खोजा जा रहा है। जब तक निजी कंपनी कोटा में तब तक स्मार्ट मीटर के साथ पुराने मीटर भी लगाए जाएंगे। जिस मीटर में रिडिंग कम आएगी, उसी मीटर के अनुसार बिल का भुगतान किया जाएगा।