वेतन विसंगति दूर करने में सरकार की नीयत साफ नहीं : फारून खान

वेतन विसंगति दूर करने में सरकार की नीयत साफ नहीं : फारून  खान

shailendra tiwari | Publish: Aug, 12 2018 06:33:50 PM (IST) | Updated: Aug, 12 2018 06:41:36 PM (IST) Kota, Rajasthan, India

सामंत कमेटी ने एक साल बाद भी अपनी रिपोर्ट सरकार को नहीं दी। इससे साफ झलक रहा है कि सरकार की नीयत साफ नहीं है।

कोटा. कर्मचारियों के कैडर में वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने पिछले दिनों सामंत कमेटी बनाई थी, लेकिन कमेटी ने एक साल बाद भी अपनी रिपोर्ट सरकार को नहीं दी। हर बार कमेटी अध्यक्ष उसका समय बढ़ाते जा रहे है। अब कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सरकार तक पहुंचा देंगे। आखिर इसकी वजह ऐसी क्या रही है कि सात माह बाद भी रिपोर्ट सरकार तक नहीं पहुंची है। अब 15 दिन में रिपोर्ट सौंपने की बात कही जा रही है। इससे साफ झलक रहा है कि सरकार की नीयत साफ नहीं है।

यह बात अल्पसंख्यक अधिकारी-कर्मचारी महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष फारून खान ने कही। वे रविवार को कोटा के एक दिवसीय दौरे पर आए थे। उनके साथ वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष हाकम खान भी थे। राजस्थान पत्रिका से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार ने यदि कर्मचारियों को वाजिब हक नहीं दिया तो महासंघ की बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। फारून खान ने बताया कि वर्तमान में सरकार ने किसी भी जिले में एससी, एसटी अधिकारी को जिला कलक्टर व पुलिस अधीक्षक पद पर नहीं लगाया। आगे ऐसा नहीं हो, इसके लिए सरकार से मिला जाएगा। किसी भी अधिकारी के साथ कोई भेदभाव पूर्ण कार्रवाई होती है तो उसके लिए महासंघ आगे आएगा। उन्होंने सरकारी नौकरियों में मिल रहे कम आरक्षण को लेकर भी सरकार से बात करने की बात कही।

बेसहारा बच्चों को लेंगे गोद

उन्होंने बताया कि महासंघ ने बेसहारा बच्चों की प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक पढ़ाई का बीडा भी उठाया है। कोई भी बच्चा जिसके माता- पिता नहीं हो, उनकी पढ़ाई से लेकर फीस, किताबें, डे्रस व रहने-खाने की व्यवस्था महासंघ की ओर से की जाएगी। इसमें कोई भी जाति व मजहब नहीं देखा गया है। महासंघ वर्तमान में 77 ऐसे बच्चों को पढ़ा रहा है। इसमें 3 कोटा के बच्चे भी शामिल है। अभी भीलवाड़ा में 66 बच्चों को गोद लिया है।

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