
नल से बहता पानी।
इसे कुदरत का करिश्मा कहें या कुछ और... राजस्थान के जिस इलाके में लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए मोहताज हो जाते हैं... वहां जमीन से ऐसी जलधार फूटी कि पिछले छह साल से लगातार बह रही है... पानी का फ्लो देखकर आपको भ्रम हो जाएगा कि किसी ने जमीन में समरसेबल पम्प लगा दिया है। यकीन ना आए तो देखिए ये वीडियो, जिन्हें देखकर आप हैरत में पड़ जाएंगे।
जमीन से फूट पड़ा सोता
राजस्थान के झालावाड़ जिले की ग्राम पंचायत बाघेर का गांव श्रीराम नगर... जैसा गांव का नाम वैसे ही हैं यहां के करिश्मे... मानो सचमुच श्रीराम की कृपा बरस रही हो इस गांव के बाशिंदों पर... यकीन ना आए तो लेखराज नागर को ही देख लीजिए। पानी के इंतजार में जब लेखराज के खेतों में खड़ी फसलें सूखने लगी तो उन्होंने साल 2011 में पानी का इंतजाम करने के लिए अपने खेत में ट्यूबैल लगवाया। बोरिंग के बाद जब मोटर लगाने की बारी आई तो अचानक एक करिश्मा हुआ और इस बोरिंग से पानी की धार फूट पड़ी।
छह साल से बांट रहे हैं पानी
लेखराज ने बताया कि पिछले छह साल से इस नलकूप से स्वत: ही जलधारा प्रवाहित हो रही है। उनके बड़े भाई बद्रीलाल नागर ने बताया कि ईश्वर की ऐसी कृपा हो रही है लगातार इस नलकूप से पानी की जलधारा बहती रहती है। पाइप के सहारे वह अपने ही नहीं आस पड़ोस के किसानों के खेत भी मुफ्त में ही भरते हैं। जब पानी की जरूरत नहीं होती है तो उसे जंगलों में छोड़ देते हैं।
मंदिर के अहाते में भी फूटी जलधारा
झालावाड़ जिले में यह अकेला उदाहरण नहीं है। बाघेर घाटी में स्थित आमझर माता मंदिर पर लगा हैडपम्प तो अच्छे-अच्छों को चौंका देता है। इस हैंडपम्प को देखकर तो कोई यही मान बैठे कि जैसे नल में नीचे मोटर लगाकर पानी की सप्लाई की जा रही है। यकी ना आए तो वीडियो में पानी का प्रेशर देख लीजिए, कहीं भी बिना मोटर के पानी की इतनी तेज धार नहीं निकल सकती। श्रद्धालु चमत्कारी करिश्मा मान रहे है । बाघेर निवासी गणेशराम ने बताया कि बरसात के मौसम में 3 महीने के लिए नल से स्वतः जलधार फूट पड़ती है, भले ही इलाके में कितना भी सूखा क्यों ना पड़े।
Published on:
19 Aug 2017 05:47 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
