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कोटा. जरा सी लापरवाही बाइक चलाने वालों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। तेज रफ्तार से सड़कों पर बाइक दौड़ाने और यातायात नियमों की पालना नहीं करना भारी पड़ रहा है। शहर की सड़कों पर बीते दो महीनों में दुर्घटनाओं में 21 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इसमें से 15 मौत तो केवल दुपहिया वाहन चालकों के हेलमेट नहीं पहनने, इसकी बेल्ट न बांधने, घटिया गुणवत्ता का हेलमेट इस्तेमाल करने व चालान से बचने के लिए चलती बाइक पर हेलमेट लगाने से ही हुई।
छोटी सी लापरवाही में जा रही जान
यातायात पुलिस ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक जानें दुपहिया वाहन चालकों की जाती है। वर्ष 2019 में बीते दो माह के आंकड़ों पर नजर डाले तो जनवरी में 15 लोगों ने सड़क हादसों में जान गंवाई। इसमें से 11 दुपहिया वाहन चालक थे। जिसमें 9 जनों ने हेलमेट संबंधी कमियों के चलते हेड इंजरी से जान गंवाई। इसी प्रकार फरवरी में 6 लोगों की सड़क हादसों में जान गई। इसमें से चार दुपहिया वाहन चालक थे। तीन हेलमेट संबंधी कमियों से हेड इंजरी से मर गए।
भीड़भाड़ से ज्यादा सूने स्थानों पर जा रही जानें
पुलिस ने बताया कि यातायात की दुर्घटनाओं में सबसे अहम बात यह है कि सड़क दुर्घटनाओं के ज्यादा मामले सूने क्षेत्र या यातायात पुलिस तैनात नहीं होने वाले स्थानों पर हो रहे हैं। यातायात पुलिस न होने से कई दुपहिया वाहन चालक लापरवाही से वाहन चलाते है तथा हेलमेट मामले में भी लापरवाही बरतते है, यहीं लापरवाही जानलेवा साबित होती है।
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पुलिस व चालान के डर से नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा व अपने परिजनों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट अवश्य पहने। हमेशा अच्छी गुणवत्ता का हेलमेट लगाएं। इसके साथ ही इसकी बेल्ट को भी सुव्यवस्थित तरीके से लगाए। गाड़ी को सही दिशा में नियंत्रित गति में ही चलाएं।
नीरज कुमार गुप्ता, यातायात निरीक्षक, कोटा।
Published on:
20 Mar 2019 09:00 am
